पत्थलगांव सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन में पहली मंजिल से गिरा एक मरीज..अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही आई सामने..पुलिस ने किसी भी मामले की सूचना से किया इनकार



मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव ।- पत्थलगांव सिविल अस्पताल में चल रहे हैं दो दिवसीय मोतियाबिंद कैंप में खाने को लेकर और खुले आसमान के नीचे सोने के समाचार प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन की एक गंभीर लापरवाही सामने आ रही है जहां बताया जा रहा है कि कोतबा वार्ड क्रमांक 1 निवासी रामरतन सिदार मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने के लिए सिविल अस्पताल के मोतियाबिंद कैंप में पहुंचा था जहां प्रबंधन ने अस्पताल के पहली मंजिल में खुले स्थान पर सोने के लिए जगह उपलब्ध करवाई थी ।वही
पत्थलगांव के जागरूक युवाओं ने खुले आसमान में सोने के लिए मजबूर करने मरीजों को दिया गया भोजन की गुणवत्ता को लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था कर सुलाया गया था वहीं रात्रि में ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने आए कोकोतबा के रामरतन सिदार भालुखार कोतबा एक व्यक्ति जो पहली मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे आनन फानन में गंभीर स्थिति को देखते हुए पत्थलगांव से रायगढ़ रीफर कर दिया गया था।अस्पताल प्रबंधन ने इतने गंभीर मामले की सूचना पत्थलगांव थाने में देना भी उचित नहीं समझा उन्होंने मामले को दबाने के लिए रात में ही रायगढ़ रिफर कर दिया।इस मामले की संबंध में जब पत्थलगांव बीएमओ डॉक्टर जेम्स मिंज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के गिरने का बात जरूर आई है किंतु उसे ऐतिहात के तौर पर रायगढ़ भेजा गया है।वही पत्थलगांव थाना प्रभारी राठिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा किसी भी प्रकार की मरीज गिरने की सूचना थाने में नहीं दी गई है ।अब देखना यह है कि इतने गंभीर मामले में अधिकारी लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर कब कारवाही करते हैं या यूं ही फाइलों में मामले को दबा कर धूल की परतें खाने के लिए छोड़ दिया जाता है।