पत्थलगांव सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप में प्रशासन की लापरवाही चरम पर मरीजों के परिजनों को खुले में सोने को मजबूर खाने के नाम पर केवल पानी जैसी दाल स्वास्थ्य विभाग के सांसद प्रतिनिधि अंकित बंसल ने लापरवाह कर्मचारियों पर कार्यवाही की की मांग



मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव।
पत्थलगांव में स्वास्थ्य विभाग हमेशा से ही अपनी लापरवाही, अव्यवस्था, कमीशन खोरी व भ्रष्टाचार के नाम पर जिले में अव्वल रहा है। जहां स्वास्थ्य विभाग में अव्यवस्थाएं चरम पर हैं यहां पदस्थ अधिकारी कर्मचारी केवल अपनी जेबे भरने में मशगूल हैं ड्यूटी के नाम पर तो केवल रजिस्टर में हस्ताक्षर नजर आते हैं किंतु मौके पर गिनती भर के अधिकारी कर्मचारी ही नजर आते हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग में देखने सुनने वाला कोई नहीं है जहां बड़े कर्मचारी अधिकारी खुद ही गायब रहते हो तो भला छोटे कर्मचारी कहां पीछे रह सकते हैं ।वही 2 दिनों से पत्थलगांव में मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप लगाया गया है जहां सैकड़ों मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाना है जिसको लेकर पत्थलगांव सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का दौर आसानी से देखा जा सकता है। जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप का उद्घाटन तो कर दिया जाता है लेकिन उद्घाटन के पश्चात मरीजों एवं उसके साथ आए हुए परिजनों के लिए स्वास्थ्य विभाग किसी भी प्रकार की व्यवस्थाएं करना भूल जाता है ।मरीजों के परिजनों एवं मरीजों को पूरे दिन भूखा रखा जाता है जहां सुबह से भूख से तड़पते मरीजों के परिजनों को दोपहर बाद खाना दिया जाता है
खाना भी ऐसा की मानवता शर्मशार हो जाए। खाने के नाम पर पानी मिली हुई दाल एवं चुटकी भर सब्जी परोसी जाती है, जो खाना आधे मरीजों को मिलने के बाद खत्म हो जाता है ।वही हाल खाने के नाम पर रात्रि में भी 9:00 बजे तक मरीजों खाना नहीं दिया जाता है जहां मरीज को खाना परोसा जाता है वहां आधे में ही खाना खत्म हो जाता है ।
मरीजों को कड़कड़ाती ठंड में खुले में जमीन पर सोने को मजबूर किया जाता है।
पत्थलगांव स्वास्थ्य विभाग के सांसद प्रतिनिधि अंकित बंसल को जानकारी मिली तो उन्होंने सिविल अस्पताल पहुंच कर जब मरीजों के हाल को देखा तो मानवता शर्मसार करने वाली नजर आई जहां मरीजों को जमीन पर खुले में सोने को मजबूर होना पड़ रहा था वही खाने के नाम पर पानी वाली दाल वह भी आधी अधूरी परोसी जा रही थी मरीजों ने अपनी आपबीती लोगों के सामने सुनाएं इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली ।सांसद प्रतिनिधि ने कहा है कि यदि मरीजों के साथ किए जा रहे हैं सौतेले व्यवहार को लेकर कार्यवाही नहीं की जाती है तो जल्द ही बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन किया जावेगा।