पत्थलगांव थाना क्षेत्र में फिर छिटपुट चोरियों से नागरिक हलाकान रात्रि कालीन पुलिस गश्त की खुल रही पोल

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
पत्थलगांव थाना क्षेत्र हमेशा से ही चोरी ,शराब खोरी एवं नशे के सौदागरों के लिए चर्चित रहा है पत्थलगांव थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं पत्थलगांव थाना क्षेत्र से दर्जनों मोटरसाइकिल दिनदहाड़े चोरी होने के बावजूद भी आज तक मोटरसाइकिल चोरियों का पता नहीं चल सका है पत्थलगांव थाना क्षेत्र में फिर से चोरियों ने नागरिकों के नाक में दम कर रखा है।
ताजा मामला तब देखने को मिला जब पत्थलगांव शहर के अग्रसेन भवन के पास स्थित गोल्डी जयसवाल की खड़ी चार पहिया वाहन से चोरों ने गाड़ी के टायर को ही खोलकर लेकर चलते बने जहां से चार पहिया वाहन में टायर की चोरी की गई है
यह इलाका शहर की एनएच सड़क से बिल्कुल लगा हुआ है ।पत्थलगांव थाना क्षेत्र में नाबालिक बच्चे सुलेशन के नशा के आदि हो चुके हैं इन नाबालिक बच्चों द्वारा सुबह से लेकर रात तक अपने नशे की पूर्ति करने के लिए छिटपुट चोरियां करना आम बात हो चली है इन नाबालिक बच्चों से महंगे सामानों को कौड़ियों के मोल खरीदकर नशे का सामान परोस कर सामान की खरीदारी धड़ल्ले से की जा रही है ।विगत दिनों पुलिस ने इन नाबालिक बच्चों को रंगे हाथों चोरी के सामानों के साथ पकड़ा था लेकिन पुलिस द्वारा इनके उम्र को देखते हुए इन पर कार्यवाही करना मुनासिब नहीं समझा जिसके कारण ईन नाबालिक बच्चों के हौसले बुलंद हो चुके हैं ।
पत्थलगांव बस स्टैंड बना आवारा शराबी तत्वों का अड्डा
पत्थलगांव का बस स्टैंड शाम ढलते ही पूरी तरह से शराब खोरी, आवारागर्दी के आगोश में समा जाता है जहां पूरी रात गुमटी का संचालन किया जाता है पूरे बस स्टैंड में जगह जगह शराब परोसी जाती है जहां से शराब के आदी असामाजिक तत्वों द्वारा सभ्य महिलाओं एवं नागरिकों से अभद्रता की जाती है बस स्टैंड में महिलाओं एवं सभ्य लोगों का खड़ा होना भी दुश्वार हो जाता है जिसके कारण आजकल नागरिक बस स्टैंड के बाहर बसों में चढ़कर अपनी यात्रा करना ही सुरक्षित महसूस करते हैं ।पूरे बस स्टैंड के अंदर असामाजिक तत्वों द्वारा असम्मानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करना आम बात हो चली है विगत दिनों पत्थलगांव के पूर्व टीआई मल्लिका तिवारी ने रात्रि 10:00 बजे के बाद दुकानें खोलने पर शक्ति की थी जिसका परिणाम भी अच्छा नजर आने लगा था किंतु उनके स्थानांतरण के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली एकदम लचर होने लगी जिसके बाद पुरा बस स्टैंड फिर से असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है यदि जल्द ही पत्थलगांव शहर में पुलिस द्वारा शक्ति से गस्त एवं असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही नहीं की जाएगी तो वे दिन दूर नहीं होंगे जब अपराधी अपराध करने से नही हिचकेंगे??




