“इंजको की वादियों में गूंज रहा श्रीकृष्ण नाम… वनदेवी धाम में उमड़ रहा आस्था का सैलाब” श्रीमद्भागवत कथा में भक्तिभाव का महासंगम, कृष्ण जन्मोत्सव पर झूम उठे श्रद्धालु

मुकेश अग्रवाल

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पत्थलगांव।

पत्थलगांव क्षेत्र के ग्राम इंजको स्थित वनदेवी मंदिर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशाल केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक वादियों और हरियाली के बीच आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में प्रतिदिन भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शाम ढलते ही वनदेवी परिसर में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ रहा है मानो पूरा क्षेत्र श्रीकृष्णमय हो उठा हो। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं और कथा स्थल का वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में डूबा नजर आ रहा है।

27 मई बुधवार को व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए आचार्य श्री दिलीप उपाध्याय महाराज ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम कथा तथा भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भागवत रस का आनंद लेते दिखाई दिए। जैसे ही कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने भजन-कीर्तन के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया।

आचार्य श्री दिलीप उपाध्याय महाराज अपनी मधुर, ललित और रसमयी वाणी से श्रद्धालुओं को ऐसा भावविभोर कर रहे हैं कि कथा स्थल पर बैठा हर श्रोता स्वयं को वृंदावन की दिव्य लीलाओं के बीच महसूस कर रहा है। भक्तों का कहना है कि वनदेवी मंदिर की प्राकृतिक छटा के बीच कथा श्रवण का आनंद अद्भुत और अलौकिक प्रतीत होता है।

कथा के आगामी प्रसंगों को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है। 29 मई शुक्रवार को महारास लीला, कंस वध, उद्धव-गोपी संवाद एवं रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा। वहीं 30 मई शनिवार को सुदामा चरित्र, कृष्ण-उद्धव संवाद, राजा परीक्षित मोक्ष, शुकदेव पूजन तथा दत्तात्रेय उपाख्यान के साथ कथा विश्राम होगा। 31 मई रविवार को हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

कथा आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम बनता जा रहा है। कथा के माध्यम से लोगों को जीवन जीने की कला, संस्कार, भक्ति और सफलता का मार्ग भी बताया जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यदि श्रीमद्भागवत कथा के संदेशों को जीवन में उतार लिया जाए तो व्यक्ति हर कठिनाई को पार कर सकता है।

भागवत कथा के मुख्य जजमान श्रीमती सावत्री संतोषघोष द्वारा पूजार्चन किया जा रहा है।

कथा की सफलता के लिए गांव के युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। आयोजन में संतोष कुमार घोष, सुदरो यादव, बुद्धदेव ठाकुर, संतोष होटल वाला, रिंकु राज गैरेज, शैलेश सहित दर्जनों ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण से पूरा आयोजन भव्य स्वरूप ले चुका है।

इसी दौरान किल्केश्वर धाम के पूज्य महाराज कपिल मुनि भी अपने भक्तों के साथ वनदेवी कथा स्थल पहुंचे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया। कपिल मुनि महाराज के पहुंचते ही पूरा कथा परिसर भक्तिमय जयघोषों से गूंज उठा।

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करें और सपरिवार पुण्य लाभ अर्जित करें। इन दिनों इंजको वनदेवी धाम सचमुच भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र बन चुका है।

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