5,012 ‘पुलिस मितान’ बनेंगे जशपुर की नई सुरक्षा ढाल! QR कोड से एक क्लिक में मिलेगा पुलिस सहयोग, 1000 स्वयंसेवकों को मिली नई पहचान “अब गांव-गांव पुलिस की सीधी पहुंच” — जशपुर पुलिस की अनोखी पहल, टी-शर्ट और डिजिटल QR स्टिकर के साथ पुलिस मितानों को मिली नई जिम्मेदारी



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव/जशपुर।
जशपुर पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को नई ऊंचाई देते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को आयोजित भव्य पुलिस मितान सम्मेलन में करीब 1000 पुलिस मितानों को विशेष ‘पुलिस मितान’ टी-शर्ट और डिजिटल QR कोड स्टिकर वितरित किए गए। आने वाले दिनों में जिले के सभी 5,012 पुलिस मितानों को चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा दी जाएगी, जिससे गांव-गांव पुलिस की पहुंच और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी।
अब हर पुलिस मितान अपने दोपहिया वाहन पर QR कोड लगाएगा। ग्रामीण केवल मोबाइल से QR कोड स्कैन कर संबंधित पुलिस मितान का नाम, गांव और संपर्क नंबर तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। किसी भी सड़क दुर्घटना, साइबर ठगी, महिला सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधि, नशे के कारोबार, लापता व्यक्ति या अन्य आपात स्थिति में ग्रामीण सीधे अपने क्षेत्र के पुलिस मितान से संपर्क कर सकेंगे।
गांव-गांव जागरूकता की कमान अब पुलिस मितानों के हाथ
सम्मेलन में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस मितान केवल पुलिस के सहयोगी नहीं, बल्कि समाज के जिम्मेदार प्रहरी हैं। वे सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी, गौ तस्करी, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।”
राहवीर योजना की भी दी जानकारी
यातायात डीएसपी के.आर. चौहान ने पुलिस मितानों को सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए प्रेरित करते हुए राहवीर (Good Samaritan) योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को शासन की ओर से ₹25,000 का पुरस्कार और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने सभी पुलिस मितानों से अपील की कि जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहें।
कोटवार और पुलिस मितान मिलकर संभालेंगे गांव की सुरक्षा
कार्यक्रम में ग्राम कोटवारों से भी पुलिस मितानों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की अपील की गई, ताकि गांवों में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और जनजागरूकता को और मजबूत बनाया जा सके।

सामूहिक संकल्प: सुरक्षित, जागरूक और नशामुक्त जशपुर
सम्मेलन के अंत में सभी पुलिस मितानों ने सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा मुक्ति और सामाजिक समरसता के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर विशेष प्रस्तुतीकरण भी दिया गया और हेलमेट, सीट बेल्ट तथा जिम्मेदार वाहन संचालन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।

जशपुर पुलिस की यह डिजिटल पहल सामुदायिक पुलिसिंग को नई पहचान देने के साथ-साथ गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।