“गुरुजी का फर्जीवाड़ा बेनकाब: 6.79 लाख कमाने वाला बना ‘गरीब’, बेटी को दिलाया मुफ्त एडमिशन, पहुंचा जेल

 

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 मुकेश अग्रवाल

जशपुर/पत्थलगांव।

शिक्षा का पाठ पढ़ाने वाला एक शासकीय शिक्षक खुद फर्जीवाड़े का पाठ पढ़ता पकड़ा गया। पत्थलगांव पुलिस ने ऐसे शिक्षक को गिरफ्तार किया है जिसने अपनी वास्तविक आय छुपाकर गरीब एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए संचालित पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना का अनुचित लाभ अपनी पुत्री को दिलाया।

आरोपी शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी सालाना आय महज ₹75 हजार दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र और शपथ पत्र प्रस्तुत किया, जबकि जांच में उसकी वास्तविक वार्षिक आय करीब ₹6 लाख 79 हजार 471 रुपये निकली। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसने अपनी पुत्री का वर्ष 2024-25 में कक्षा छठवीं में निःशुल्क प्रवेश करा दिया।

गरीब बच्चों का हक खा गया शिक्षक

जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को कृषक बताकर आय छुपाई और शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ हथिया लिया। उसके इस कृत्य से उन वास्तविक गरीब और मेधावी विद्यार्थियों का अधिकार प्रभावित हुआ, जो इस योजना के वास्तविक हकदार थे।

पुलिस की जांच में खुली पोल

शिकायत मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग और अन्य अभिलेखों की जांच की। दस्तावेजों ने शिक्षक के फर्जीवाड़े की पूरी कहानी उजागर कर दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 55/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

 

जशपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में फर्जी दस्तावेज लगाकर लाभ लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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