पत्थलगांव में डिलिस्टिंग के विरोध में हजारों आदिवासी सड़क पर ,, नारेबाजी कर निकाली विशाल रैली,, भारी मात्रा में पुलिस एवं प्रशासन मौजूद



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव- पत्थलगांव क्षेत्र में डिलिस्टिंग के विरोध में ईसाई आदिवासी समुदाय के लोग हजारों की संख्या में इकट्ठे होकर एक महासभा का आयोजन किया ।
जहां संत जेवियर्स स्कुल मैदान से रैली के रूप में हजारो लोगो ने प्रदर्शन कर वापस संत जेवियर्स स्कुल मैदान एकत्रित हुए जहां इस विषय पर पत्थलगांव एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया । गौरतलब है की धर्मान्तरित आदिवासियों को डी-लिस्टिंग करने हेतु जनजाति सुरक्षा मंच के माध्यम से डी लिस्टिंग कराये जाने को लेकर कई दिनों से लगातार महारैली एवं सभा करके धर्मान्तरित आदिवासियों को आदिवासियों का आरक्षण लाभ ले रहे हैं । जिससे पृथक कराने की मांग को लेकर धर्मान्तरित ईसाई समुदाय के अंतर्गत आने वाले उरांव जनजाती के लोगों के द्वारा सामाजिक रिती – रिवाज, रहन – सहन, खान – पान, तीज त्यौहार, एवं पारंपरिक रीतिरिवाज को छोड़ कर ईसाई धर्म अपना लिये हैं । उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं देने के विरोध में जनजाति समाज के लोगों के द्वारा डी-लिस्टिंग हेतु विभिन्न प्रकार के आंदोलन किये जा रहे हैं । उसके विरुद्ध पत्थलगांव में ईसाई समुदाय के लोगों के द्वारा महा सभा का आयोजन किया गया । जिसके पश्चात हजारों की संख्या में अपनी उपस्थिति देकर भारत के राष्ट्रपति के नाम एसडीएम् को ज्ञापन सौप कर उपरोक्त आंदोलन व महासभा की समाप्ती की गई । वहीं ईसाई समुदाय के वक्ताओं का यह कहना है की यह एक सोची समझी राजनितिक साजिस का हिस्सा है जिसे जन जाति सुरक्षा मंच के माध्यम से डी-लिस्टिंग कराया जाना कहा गया है । तो वहीं एक ओर ईसाई समुदाय के लोगों का यह भी कहना है की भारत के संविधान में धर्म के अधार पर उन्हें आरक्षण नहीं मिला है । ऐसे में धर्मांतरित ईसाई आदिवासियों के आरक्षण को कैसे और क्यों डी-लिस्टिंग करने की बात हो रही है । उनका यह भी कहना है की भारत एक गणतांत्रिक देश है जहाँ धर्म निरपेक्ष राज्य होने के नाते यहाँ कोई भी व्यक्ति कुछ भी को मान सकता है ।
ईसाई समुदाय के युवा अमित एक्का का कहना है कि हमारी सिर्फ धर्म बदला है लेकिन हमारी सभ्यता हमारा रीति रिवाज खान-पान रहन-सहन शादी बिहा से लेकर के छठे तथा मरने तक का सभी कार्यक्रम आदिवासी सभ्यता के अनुसार चलता आ रहा है और भविष्य में भी इसी प्रकार का चलता रहेगा तो हमें डीलिस्टिंग करके हमारे अधिकार से वंचित कैसे किया जा सकता है जो गंभीर विषय है
तो ईसाई आदिवासियों की आरक्षण को कैसे समाप्त किया जायेगा । उन्हें कुछ भी करना पड़ेगा वे आखरी दम तक इस लड़ाई को लड़ने को तैयार हैं । आपको यह बता दें उपरोक्त कार्यक्रम के प्रमुख रूप से देवनिश मिंज,फ्रांसिस तिर्की ,अभियानुस एक्का ,पास्कल पन्ना ,जोसेफ बड़ा सुशिल कुजूर, नेहरु लकड़ा ,आनंद नाग, सुरेन्द्र तिर्की , जोसेफ ,अमित एक्का ,समेत ईसाई समाज के जनपद सदस्य गण तथा सरपंच गण के विशेष सहयोग के कई हजारों की संख्या में बच्चे, बुढ़े, नौजवान और काफी संख्या में महिलाओं रैली एवं महासभा कार्यक्रम में हिस्सा लिए ।