सरकारी संपत्ति देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाती सुलभ शौचालय



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
एक ओर छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया भूपेश बघेल भरी गर्मी में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दौरे कर लोगों की समस्याओं व विकास के नए आयाम गढ़ रहे हैं व नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित निर्णय लेते हुए ऑन द स्पॉट कार्रवाई कर रहे हैं किंतु इन सभी के बावजूद अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है उन्हें ना तो छत्तीसगढ़ के मुखिया के आगमन का भय है न हीं जिले के कलेक्टर का भय नजर आता है
इसका जीता जागता प्रमाण जसपुर रोड नया बाजार स्थित सुलभ शौचालय से लगाया जा सकता है सुलभ शौचालय लाखों रुपए के राशि से कई वर्षों पूर्व बनाकर लोगों की सुविधाओं के लिए उद्घाटन तो कर दिया लेकिन कुछ महीनों बाद ही स्थानीय प्रशासन व अधिकारियों के देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील होता नजर आ रहा है सुलभ शौचालय के अंदर व बाहर का नजारा देख कर नागरिक इस मुंह चिढ़ाते सुलभ शौचालय को देखकर कोसते नजर आते हैं सुलभ शौचालय बाजार में इन बातों को दृष्टिगत रखते हुए बनाया गया था कि बाजार में आने वाले लोगों को सुलभ शौचालय में सुविधाएं मिल सके लेकिन लाखों रुपए के बने इस सुलभ शौचालय के हाल को देखकर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही अपने आप दर्शित होती हैं
वही सुलभ शौचालय के बगल में नागरिकों के लिए पीने के पानी के लिए हेंडपंप की सुविधा बनाई गई थी किंतु हेंडपंप देखरेख के अभाव में दम तोड़ता नजर आ रहा है हेंडपंप के आसपास कचरे का ढेर से पट चुका है बोरिंग में पानी तो निकल सकता है लेकिन बोरिंग की हालत को देखने के बाद सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बोरिंग किस काम का है ।वार्ड वासियों से जब हमारे संवाददाता ने बात की तब उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन के पास हमारे द्वारा कई बार सुलभ शौचालय, हैंडपंप को लेकर शिकायत की गई है लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस ओर कभी भी ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। बोरिंग व सुलभ शौचालय कचरे के ढेर में तब्दील होकर अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है ।वार्ड वासियों ने आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में इन सभी समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ के मुखिया से मिलने की बात कही है।