जिला बनाने को लेकर चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा सैकड़ों लोगों ने जिले के लिए कराई अपनी उपस्थिति दर्ज



मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव। जिला बनाने को लेकर स्थानीय नागरिकों का प्रदर्शन गुरूवार को चौथे दिन भी जारी रहा। चौथे दिन कई स्थानीय नागरिक इस प्रदर्शन में शामिल हुए वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जिला बनाने को लेकर नागरिकों की मांग का विषय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके लिए नागरिकों ने जिला बनाओ संगठन का गठन कर धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया गया है। लोगों द्वारा बसस्टैंड के समीप दिया जा रहा धरना गुरूवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। 9 मई से शुरू हुए इस प्रदर्शन के आगे बढ़ने के साथ ही लोगों का रूझान इसके प्रति धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। गुरूवार को धरना प्रदर्शन में शामिल होने वालों में कई ऐसे चेहरे भी रहे जिनका किसी भी मांग या प्रदर्शन से कोई लेना-देना पहले कभी नहीं रहा है।

इससे प्रतीत होता है पत्थलगांव को जिला बनाने का मुद्दा लोगों के दिलों से किस कदर गहरा जुड़ाव रखता है। स्थानीय लोगों से इतर ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी इस धरना प्रदर्शन में शामिल होने लगे हैं

। जिनमें आम ग्रामीणों के साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। ग्राम लुड़ेग के सरपंच अरविंद भगत यहां आकर अपना नैतिक समर्थन दे चुके हैं वहीं गुरूवार को ग्राम बहनाटांगर की सरपंच ने यहां पहुंचकर धरना दिया। उनके साथ ही बहनाटांगर के ग्रामीण भी यहां पहुंचे थे। दोपहर को ग्राम पंचायत किलकिला के पूर्व सरपंच भी अपने साथियें के साथ धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। समस्त जन प्रतिनिधियों ने एक सुर में पत्थलगांव को जिला बनाए जाने की मांग का समर्थन करते हुए आवाज बुलंद की। उन्होंने इसे भावनात्मक विषय बताने के साथ ही क्षेत्र के लोगों की जरूरत भी बताया। उनका कहना है कि खराब सड़कों पर बसों में लदकर आने और जाने में 200 किमी का सफर किसी त्रासदी से कम नहीं है। और यदि एक-एक काम के लिए आपको कई-कई बार यह सफर तय करना पड़ता है तो किस कदर लोगों को आर्थिक,शारीरिक और मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा इसका अंदाजा लगाना अधिक मुश्किल नहीं है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल और मंडल अध्यक्ष अनिल मित्तल ने भी सरकार से पत्थलगांव को जिला बनाने की मांग की है। उन्होंने भी धरना स्थल पर पहुंचकर इसके प्रति समर्थन व्यक्त किया। जिला उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल पहले दिन भी यहां लोगों के साथ धरना दे चुके हैं। मंडल अध्यक्ष अनिल मित्तल का कहना है कि स्थानीय लोगों ने पत्थलगांव और ग्रामीणों के हक में आवाज उठाई है और सरकार को इस पर ध्यान देकर उनकी मांग को पूरा करने के के लिए कदम उठाना चाहिए।
ससकोबा और बाकारूमा के ग्रामीण भी हुए शामिल
पत्थलगांव को जिला बनाने की मांग में केवल पत्थलगांव क्षेत्र के लोग ही शामिल नहीं हो रहे हैं अपितु पत्थलगांव से सटे धर्मजयगढ़ के इलाकों में भी यह मांग तेज हो गई है। ग्राम पंचायत बाकारूमा से कई ग्रामीण पत्थलगांव को जिला बनाने के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं तो गुरूवार को ग्राम पंचायत ससकोबा के ग्रामीणों ने भी इसका समर्थन करते हुए यहां धरना दिया। ससकोबा के ग्रामीणों ने पत्थलगांव के जिला बनाए जाने की मांग का पूरा समर्थन किया है। उनका कहना है कि उन्हें भी रायगढ़ जिला जाने के लिए 110 किमी का सफर तय करना पड़ता है। काम पूरा नहीं होने पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। समयाभाव के कारण कई बार शासकीय कार्य अटके पड़े रहते हैं। यूं भी उनके क्षेत्रों का पूरा कारोबार पत्थलगांव से ही संचालित होता है ऐसे में पत्थलगांव को जिला बना दिए जाने से उनके क्षेत्र के लोगों की परेशानी भी दूर होगी वहीं उन्हें आर्थिक और शारीरिक परेशानियों से छुटकारा भी मिलेगा। कृतिदेव यहां
