अनापत्ति प्रमाण पत्र् देने के नाम पर पंचायत ने मांगे दस हजार रूपये पंचायतो मे धंाधली रूकने का नही ले रही नाम



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव-ःब्लाक की ग्राम पंचायतो मे धंाधली रूकने का नाम नही ले रही है,संबंधित अधिकारीयों का पंचायत के कार्यवाहको पर नियंत्रण ना रहने के कारण उनकी मनमानी चरम पर है। अनापत्ति प्रमाण पत्र् देने के नाम पर पंचायत के चुनिंदा जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी पर व्यापारी द्वारा दस हजार रूपये नगद मांगने का आरोप लगाया है। व्यापारी का आरोप है कि पालीडिह स्थित खसरा मे उनकी निजी जमीन स्थित है,जो पूर्व मे जिला कलेक्टर से अनुमति लेकर व्यपर्तित हो चुकी है,जिसकी खरीदी बिक्री करने के लिए उन्होेने जिला कलेक्टर के पास आवेदन लगाकर अनुमति मांगी है,इस प्रक्रिया के तहत पालीडिह की ग्राम पंचायत से भी उन्हे अनापत्ति प्रमाण पत्र् की आवश्यकता पडी,परंतु वहा के सरपंच-सचिव द्वारा उन्हे एक माह से अनापत्ति प्रमाण पत्र् देने के लिए पंचायत का चक्कर लगवाया जा रहा है। आज जब उन्होने पुनः पंचायत के सरपंच से अनापत्ति प्रमाण पत्र् लेने की बात की तो उनसे दस हजार रूपये नगद देने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र् देने की बात कही गयी। इधर व्यापारी की शिकायत के बाद जब पंचायत सचिव धरमपाल राठिया से बात की गयी तो उन्होेने व्यापारी से किसी प्रकार के रूपये मांगने से इंकार कर दिया। वही सरपंच भास्कर सिदार से बात की गयी तो उन्होने पांच जगह की अनापत्ति प्रमाण पत्र् देने के नाम पर दस हजार रूपये की मांग को स्वीकार किया। उनका कहना था कि अनापत्ति प्रमाण पत्र् बनाकर देने के बाद लिए गये रूपयो से पंचायत मे मूलभूत कार्यो की पूर्ति करा दी जाती है।