बिजली की चरमराई व्यवस्था बिजली गोल से परेशान छात्र-छात्राएं कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर छात्राएं लालटेन के नीचे पढ़ने को मजबूर



मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव।
बीते तीन चार महीने से शहर सहित गाँव मे लगातार हो रही बिजली गुल से लोग हो रहे परेशान जहाँ साल भर पहले शहर और गाँव की बिजली ब्यवस्था को बेहतर बनाने में विभाग ने रात दिन एक कर दिया था वही अब पूरा रात दिन लगातार बिजली गुल होने से स्थानीय लोगो और ग्रामीणों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक बार फिर शहर वही पुराने दिन की तरफ लौटता दिख रहा है। जहां घण्टो घण्टो तक बिजली गुल हुवा करती थी उस खराब हो चुकी ब्यवस्था को बनाने में बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने रात दिन एक कर पूरी बिजली ब्यवस्था के आधार भूत ढांचे को सुधार कर आम जनों को बेहतर बिजली ब्यवस्था देने की कोसिस करते दिखे थे और उसपर लगभग सफल भी हुए थे पर फिर से वही पुराने दिन की तरफ पूरा शहर लौटता दिख रहा है।जहाँ लगातार बिजली गुल होते रहने पर लालटेन लेकर बिजली विभाग तक जुलूस तक निकालना पड़ गया था पर वो कहते है। न अगर विभाग में बैठे अधिकारी जिम्मेदार न हो तो ब्यवस्था अपने आप खराब होने लगती है। तो वही हो रहा है। पत्थलगांव बिजली विभाग में नए असिस्टेंट इंजीनियर लुकमान खान जो कभी भी बिजली ब्यवस्था को दुरुस्त रखने में अपनी दिलचस्पी नही रखने के लिए जाने जाते है। जो पूर्व में भी पत्थलगांव में पदस्थ रह चुके है।

पूर्व में 7 मई 2017 को स्थानीय युवको ने लगातार बिजली बंद होने पर लालटेन लेकर बिजली विभाग तक मार्च कर बिजली विभाग की लापरवाही पे उच्च अधिकारियों का ध्यानाकर्षण किया था जिस पर बिजली बोर्ड के उच्च अधिकारी अंकित आनन्द ने तत्कालीन कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला और विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ पत्थलगांव एसडीएम ऑफिस में बैठक कर बिजली ब्यवस्था को ठीक करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खस्ताहाल हो चुकी बिजली ब्यवस्था को ठीक करने विभाग को कड़े निर्देश दिए थे
आज के दिन जब बिजली सभी के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है। या तो पीने की पानी सप्लाई हो या खेतो में कार्य करने वाले किसान या छोटे बड़े कारखाने हो सभी जगह बिजली सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सच कहें तो बिजली गुल होने की स्थिति में शहर से लेकर गाँव तक सब कुछ थम सा जाता है। जब शहर की ही बिजली दिन में दर्जनों बार गुल हो रही हो तो आप सोचिये की गाव को बिजली की सेवा किस कदर दी जा रहि होगी बिजली विभाग के द्वारा। गाँव के किसान हो रहे बहुत परेशान गाला के किसान रूप सिंह राठिया ने बताया की बीते छ महीनों से दिन रात मे दर्जनो बार बिजली गुल हो रही है। जिससे खेती किसानी के सभी कार्य प्रभावित हो रहे है। शहर के ज्यादातर लोग रोज हो रही बार बार बिजली गुल से काफी परेशान हो रहे है। असिस्टेंट इंजीनियर लुकमान खान जब से पत्थलगांव में पुनः पदस्थ हुए है। पूरी तरह बिजली ब्यवस्था चरमरा गई है।
बीते हफ्ते सेंट जेवियर्स स्कूल के पास ही एक खम्भे के टूट जाने पर शाम तक बिजली बाधित रही थी बाद में बिजली को दूसरे तरफ से चालू कीया गया तब जाकर वहा के लोगों को बिजली मिल सकी।
वर्तमान जहां कोरोना के बढते संक्रमण की वजह से स्कूली छात्रों का ऑनलाइन क्लास के जरिये पढाई हो रही है। पर लगातार बिजली गुल होने से उन बच्चो की पढ़ाई में भी काफी दिक्कत हो रही है।

पत्थलगांव प्रवास में पहुची सांसद गोमती साय ने रोजाना बिजली गुल होते रहने को बड़ी बात कहते हुए कहा कि बिजली हर ब्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज बन चुकी है। बार बार बिजली गुल होने से परेशानिया बढ़ेंगी। अधिकारी को जिम्मेदार होकर तत्काल निराकरण करने कार्य करना चाहिए।