ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का उड़ा रहे शिक्षक मजाक स्कूलों में गायब रहते हैं शिक्षक



मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों का हाल बेहाल स्कूल में 85 बच्चे शिक्षक 5, पदस्थ पर बुधवार को दो शिक्षक ही स्कूल में मौजूद
सरकारी स्कूलों की बदत्तर होती स्कूल ब्यवस्था देखनी है। तो आप ग्राम स्तर पर सरकारी स्कूलों को देखिए उन सरकारी स्कूलों में शिक्षक पदस्थ तो मिलेंगे पर डियूटी किस तरह की जाती है। वो देखिए कुल 5, शिक्षक पदस्थ है। जोराडोल के प्राथमिक शाला सुगापारा स्कूल में पर बुधवार को दिन के तीन बजे मात्र दो शिक्षक ही स्कुल में डियूटी में थे प्रधान पाठक इलीसबा एक्का छुट्टी का आवेदन वाट्सअप ग्रुप में डाल दी अब जहां खेल होता है। वो देखिए स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर में दिन के तीन बजे तक सीएल छुट्टी लिखा ही नही गया और अक्सर होता भी यही है। की अगर स्कूल कोई नही आया देखने तो दूसरे दिन उपस्थिति पंजी में अपना हस्ताक्षर कर रोजाना की तरह उपस्थित हो जाते वे शिक्षक वही अलेख प्रसाद यादव जो स्कूल में सहायक शिक्षक है। वो स्कूल में नही थे स्कूल में मौजूद शिक्षिका सुलोचना महंत ने बताया कि शिक्षक अलेख प्रसाद यादव तहसील गए है। अब आप समझिये की शिक्षक स्कूल के प्रति कितने जिम्मेदार है। स्कूल में कुल बच्चे 85 है। स्कूल में बच्चे खेलते दिखे अब किस तरह से स्कूल में पढ़ाई की जाती होती होगी वो समझा जा सकता है।
इन सभी मुद्दों पर जिले के शिक्षा विभाग से सहायक संचालक सरोज खलखो को जानकारी दी गई जिसमें उन्होंने स्कूल के शिक्षको का इस तरह कार्य करने पर गहरी नाराजगी जाहिर की उन्होंने कहा सभी शिक्षकों को अपनी पुर्ण जिम्मेदारी समझते हुए कार्य करना चाहिए इस तरह जिम्मेदारी से भाग कर शिक्षको का कार्य अस्वीकारेय है। हमारे द्वारा स्कूल समय में ड्यूटी में नही रहने वाले शिक्षको को नोटिस जारी की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा की जिस शिक्षक का आवेदन आता है। तो स्कूल खुलने के कुछ घंटे में ही उपस्थिति पंजी में सीएल या अनुपस्थिति दर्ज कर दी जानी चाहिए।