कमिश्नर का कमालः दिव्यांग बच्ची से रेप और छेड़छाड़ की घटना में निलंबित राजीव गांधी शिक्षा मिशन के डीएमसी को उसी पद पर बहाल कर डाला, 2015 से अंगद की पांव की तरह जमे डीएमसी पर आखिर किसका वरदहस्त??

मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव/ जशपुर,।
सरगुजा की कमिश्नर ने कमाल कर डाला…जिस दिव्यांग बच्ची से रेप के मामले में सरकार ने कलेक्टर महादेव कावरे को हटा दिया था…उसमें सबसे अधिक जिम्मेदार राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला परियोजना समन्वयक को सरगुजा कमिश्नर ने एक आदेश जारी उसी पद पर बहाल कर दिया है।ज्ञातव्य है, 22 सितंबर की रात जशपुर की मूक-बधिर छात्राओं के हॉस्टल में न केवल नंगा नाच किया गया बल्कि एक दिव्यांग बच्ची से से रेप किया गया।
बताते हैं, हास्टल अधीक्षक हॉस्टल से सालों से गायब हैं।

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डीएमसी विनोद पैकरा की जिम्मेदारी थी कि हास्टल अधीक्षिका के लापता होने पर संज्ञान लेते।22 सितंबर की रात हॉस्टल के केयर टेकर और चौकीदार ने रात में मुर्गा, दारु की पार्टी की। नशा जब सिर चढ़कर बोलने लगा तो दोनों में हैवानियत जाग गई। और बोल, सुन नहीं पाने वाली बच्चियों के कमरे की ओर चल दिए। दोनों ने हॉस्टल में इतना उत्पात मचाया कि लड़कियां दुबक कर किसी तरह जान बचाई। लेकिन, आधा दर्जन बच्चियां इनकी चपेट में आ गई। एक के साथ रेप किया गया बाकी पांच के साथ छेड़छाड़। बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर महिला स्वीपर आई तो दोनों ने उसे बाथरुम में बंद कर फरार हो गए।
घटना को दबाने का पूरा प्रयास किया गया। इस चक्कर में 24 घंटे तक मामले की रिपोर्ट नहीं हुई। 23 सितंबर को देर शाम थाने में एक पन्ने की शिकायत की गई, जिसमें छेड़छाड़ का उल्लेख था। वो तो जशपुर एसपी विजय अग्रवाल ने मामले में दिलचस्पी दिखाई और एडिशनल एसपी को जांच के लिए भेजा तब पता चला दिव्यांग बच्ची से रेप किया गया।लेकिन, सरगुजा कमिश्नर ने डीएमसी विनोद पैकरा के जवाब के आधार पर न केवल निलबंन समाप्त किया बल्कि उसी पद पर फिर पोस्ट कर दिया। याने एक तरह से आदिवासी बच्चियों से रेप और छेड़छाड़ की घटना के लिए उसे ईनाम मिल गया। नोटिस के जवाब में डीएमसी ने मासूमियत से बता दिया मैं घटना के रोज नहीं था। इसी आधार पर कमिश्नर ने उसे बहाल भी कर डाला।लेक्चरर कैडर के विनोद पैकरा डीएमसी के पर पर 2015 याने बीजेपी शासनकाल से जमे हुए हैं। पहले सहायक परियोजना अधिकारी पोस्ट हुए फिर कांग्रेस शासन काल याने 2019 में डीएमसी पदोन्नत हो गए।

देखिए आदेश-

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