अनुदान राशि से एक ही फर्म की खरीदी मे ना जांच हुयी ना कार्यवाही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव-ःसमग्र शिक्षा विभाग से प्राथमिक व माध्यमिक शाला मे आने वाली अनुदान राशी का बंदरबांट होने के मामले मे अब तक कार्यवाही तो दूर जांच तक शुरू नही हो पायी,जिसे लेकर शिकायतकर्ताओ मे आक्रोश देखने को मिल रहा है,बी.आर.सी.सी कार्यालय मे वर्षो से बैठे अधिकारी व कुछ कर्मचारी पर एक ही फर्म से स्कूल के सामान खरीदी करने की शिकायत दर्ज करायी थी,जिसके बाद यह मामला काफी गरमाया हुआ है,एक तरफ तो छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षा नीति मे सुधार कर स्कूली बच्चो को उनका हक दिलाने की योजनायें बना रहे है,तो वही दूसरी ओर इस विभाग मे बैठे अधिकारी एवं कर्मचारी बच्चो के लिए आने वाली साल भर की राशि को भी ढकारने से परहेज नही कर रहे। उसके बाद इन पर कार्यवाही ना होना सवालिया निशान पैदा कर रहा है। दरअसल यह पूरा मामला स्कूलो मे आयी अनुदान राशि का है,जिसका स्कूलो मे आते ही बी.आर.सी.सी कार्यालय मे जिम्मेदार लोगो के साथ-साथ व्यापारियों का एक वर्ग भी गिद्ध की दृष्टि लगा बैठा। व्यापारी बी.आर.सी.सी कार्यालय से अपनी सांठ-गांठ कर कमीशन मिलने वाली फर्म से सामान खरीदी करने का फरमान लगभग 380 शासकीय स्कूलो के नाम व्हाटसअप ग्रुप मे जारी कर दिये। दरअसल सांठ-गांठ करने वाले व्यापारियों द्वारा स्कूल मे दिये जाने वाले सामान बेहद घटिया एवं बाजार की कीमत से कई गुना अधिक का था,जिसके बाद प्राचार्यो मे इस बात को लेकर असंतोष जाग उठा और उन्होने बी.आर.सी.सी कार्यालय से व्हाटसअप ग्रुप मे भेजे गये फरमान का विरोध करना शुरू कर दिया। स्कूली प्राचार्यो के अनुसार बी.आर.सी.सी से निकले फरमान को संकुल समन्वयक अपने-अपने संकुल के प्राचार्यो को भेजकर एक ही व्यापारी से सामान खरीदी करने की बात कह रहे थे,जिसका मीडिया मे खुलासा किया गया,परंतु अब तक इस मामले मे ना तो जांच शुरू हुयी है और ना ही दोषियों पर किसी प्रकार की कार्यवाही। इधर दोषी अपनी गर्दन बचाने के लिए प्राचार्यो पर दबाव बना रहे है।।
अब देखना यह है कि जिले के संवेदनशील कलेक्टर इस मामले पर कब दोषी अधिकारी ,कर्मचारी व अंगद के पांव की तरह जमे अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हैं या यूं ही पहले के मामलों की तरह जांच के नाम पर केवल लीपापोती कर फाइलों को धूल खाने के लिए आलमारी में कैद कर दी जावेगी??

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