पत्थलगांव स्टेट बैंक की शाखा के बगल स्थित एटीएम की एसी खराब लापरवाह बैंक प्रबंधन से उपभोक्ता हो रहे गर्मी उमस से परेशान

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
स्टेट बैंक के बगल में संचालित हो रहे स्टेटबैंक के एटीएम में एसी खराब उपभोक्ता हो रहे उमस भरी गर्मी में परेशान उपभोक्ता को बैंक के तरफ से सभी सुविधाएं देने की बात तो कही जाती है पर जब एक आम शहरी उस एटीएम के अंदर पैसे निकालने जाता है तो वहां लगे एसी चलते नही है। और इसका खमियाजा उपभोक्ता को पसीने पसीने होकर भुगतना पड़ता है। जबकि एटीएम धारकों से इन कम्पनियों के द्वारा सभी सुविधाएं देंने के नाम से सालाना तय रकम बैंक खाते से काट लिए जाते है। तो जब बैंक उपभोक्ताओं से रकम काटने में देर नही करते तो फिर एटीएम में एसी की सुविधा को क्यो सुचारू संचालित नही करते

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वर्ष में एकाद बार कभी एसी को सुधरवा कर अपने उच्च अधिकारियों को फोटो भेज कर वाहवाही बटोर लेते हैं बैंक प्रबंधन जिनके ऊपर इन एटीएम के देखरेख से लेकर उपभोक्ताओं को एसी और अन्य मिलने वाली सुविधाओं को मुहैया कराने की जिम्मेदारी होती है।


वही एटीएम में मौजूद गार्ड से जब स्टेटबैंक के एटीएम में लगे एसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एटीएम में लगे दोनों एसी बीते तीन महीने से खराब है।
क्या कहते है आम उपभोक्ता दिनेश अग्रवाल ने बताया कि स्टेट बैंक के शाखा पास ही स्टेटबैंक के एटीएम में दो एसी लगे हुए है जो सिर्फ एटीएम की शोभा बढ़ा रहे है उस एसी से हवा नही आते वे खराब है। पर इनकी देखरेख करने वाले अधिकारी पूरी तरह लापरवाह व गैरजिम्मेदाराना हो चुके हैं जिसका खामियाजा आम उपभोक्ता को उमस भरी गर्मी में पसीने पसीने चुकाना पड़ रहा है।
जगदीश यादव ने बताया कि स्टेट बैंक के एटीएम में दो एसी लगे है जो दोनों काफी दिनों से खराब हालत में है पैसे निकालने में बहुत गर्मी व परेशानी होती है। जबकि एटीएम कार्ड ईस्तेमाल करने और अन्य सुविधाएं देने के नाम पर बैंकों के द्वारा हर वर्ष पैसे काट लिए जाए जाते है। तो जब पैसे लेते है तो फिर एटीएम में एसी की सुविधा क्यो नही देते।

नीरज अग्रवाल ने बताया कि पत्थलगांव शहर के स्टेट बैंक के साथ ही अन्य बैंकों के ज्यादातर एटीएम में एसी खराब हालत में पड़े है। एक से लेकर दो एटीएम को छोड़ कर ज्यादातर एटीएम में एसी खराब ही रहती है और गर्मी से भारी परेशानी होती है। उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान नही रखा जाता है।
अब देखना यह है कि स्टेट बैंक के लापरवाह अधिकारियों पर उच्च अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई होती है या यूं ही उपभोक्ताओं को गर्मी व उमस से परेशान होने के लिए छोड़ दिया जावेगा???

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