लैलूंगा हाट में महिलाओं का ‘झपटमार गैंग’ बेनकाब! रिटायर्ड शिक्षिका की सोने की चैन उड़ाई, रायगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा पूरा गिरोह बाजार में मची थी अफरा-तफरी, महिला आरक्षक की फुर्ती से खुला 7 लाख की चोरी का खेल



मुकेश अग्रवाल
लैलूंगा। भीड़भाड़ वाले साप्ताहिक हाट-बाजार को अपना शिकारगाह बनाकर महिलाओं और ग्रामीणों की जेबें साफ करने वाला एक शातिर झपटमार गिरोह आखिरकार रायगढ़ पुलिस के शिकंजे में आ गया। रिटायर्ड शिक्षिका के गले से सोने की चैन झपटने की वारदात के कुछ ही मिनटों बाद पुलिस ने ऐसी घेराबंदी की कि पूरा गैंग बेनकाब हो गया।
सब्जी खरीदने पहुंचीं 67 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका मरियम टोप्पो को शायद अंदाजा भी नहीं था कि बाजार में घूम रही कुछ महिलाएं उनकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। जैसे ही मौका मिला, गिरोह की महिला सदस्य ने बिजली की तेजी से उनके गले से सोने की चैन झपट ली और भीड़ में गायब होने की कोशिश की। लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया।
महिला आरक्षक बनी ‘लेडी सिंघम‘
घटना की सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक पूनम साहू ने ग्रामीणों की मदद से एक संदिग्ध महिला को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ शुरू हुई तो चोरी की इस वारदात के पीछे छिपा पूरा नेटवर्क सामने आ गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई अकेली वारदात नहीं थी, बल्कि बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र से संचालित एक संगठित गिरोह था, जो हाट-बाजारों, मेलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में महिलाओं को निशाना बनाता था।
इको कार में आते थे, बाजार में करते थे शिकार
गिरोह के सदस्य इको वाहन में सवार होकर अलग-अलग बाजारों में पहुंचते थे। महिलाएं भीड़ में घुसकर लोगों को उलझाती थीं और मौका मिलते ही चैन, पर्स और नकदी पार कर देती थीं। वारदात के बाद सभी सदस्य अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते थे ताकि किसी को शक न हो।
लैलूंगा में वारदात के बाद भी आरोपी जशपुर में छिपने की तैयारी में थे, लेकिन रायगढ़ पुलिस ने जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर पुलिस के साथ तालमेल बनाकर देर रात दबिश दी और पूरे गिरोह को धर दबोचा।
7 लाख की संपत्ति बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
✅ 18 ग्राम वजनी सोने की चैन व लॉकेट
✅ वारदात में इस्तेमाल इको वाहन
✅ 4 मोबाइल फोन
✅ कुल लगभग 7 लाख रुपये की संपत्ति
बरामद की है।
5 महिलाएं और 1 पुरुष गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में पांच महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। सभी बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय से ग्रामीण बाजारों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश
“भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं और ग्रामीणों को निशाना बनाने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस की नजर हर संदिग्ध गतिविधि पर है। हाट-बाजारों में सुरक्षा और बढ़ाई जा रही है तथा ऐसे गिरोहों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।”
लैलूंगा बाजार में तैनात पुलिस जवानों की सतर्कता और महिला आरक्षक की फुर्ती ने न सिर्फ एक बड़ी वारदात का खुलासा किया, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सक्रिय एक संगठित झपटमार गैंग का भी पर्दाफाश कर दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।