जशपुर का 78 साल पुराना इंतजार खत्म! पहली बार रेल की सीटी गूंजेगी, केंद्र ने दी ऐतिहासिक मंजूरी” धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल लाइन को मिली अधिसूचना, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से खुला विकास का नया ट्रैक

मुकेश अग्रवाल

जशपुर। आखिरकार वह सपना सच होने जा रहा है जिसका इंतजार जशपुर की कई पीढ़ियां करती रही हैं। पहाड़, जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा जशपुर अब देश के रेल मानचित्र पर अपनी पहचान दर्ज कराने जा रहा है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित करते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

करीब 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। इसके साथ ही इतिहास में पहली बार जशपुर जिला सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

यह उपलब्धि केवल एक रेल लाइन की मंजूरी नहीं, बल्कि जशपुर की तकदीर बदलने वाला ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है।

अब नहीं रहेगा जशपुर ‘रेल विहीन जिला’

आजादी के बाद से जशपुर के लोगों को रेल सुविधा के लिए दूसरे जिलों का सहारा लेना पड़ता था। विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों को लंबी सड़क यात्राओं की परेशानी झेलनी पड़ती थी। लेकिन अब रेल लाइन आने से आवागमन का नया युग शुरू होगा।

किसानों के खेत से सीधे देश के बाजार तक पहुंचेगा माल

जशपुर की पहचान जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन और बागवानी उत्पादों के लिए है। रेल संपर्क मिलने के बाद यहां का कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक तेज़ी से पहुंचेगा। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी और उनकी आय बढ़ेगी।

पर्यटन को मिलेगा रॉकेट जैसी रफ्तार

मयाली, राजपुरी जलप्रपात, रानीदाह, कैलाश गुफा और जशपुर की मनमोहक वादियां अब देशभर के पर्यटकों के लिए और भी आसान पहुंच में होंगी। रेल सुविधा आने से पर्यटन उद्योग को नया जीवन मिलेगा और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य में आएगा बड़ा बदलाव

उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले विद्यार्थियों और गंभीर मरीजों को अब बेहतर और सस्ता परिवहन विकल्प मिलेगा। बड़े शहरों तक पहुंच आसान होने से शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ भी तेजी से बढ़ेगा।

जशपुर में जश्न जैसा माहौल

रेल मंत्रालय की अधिसूचना जारी होते ही जशपुर, पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ रेल लाइन नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और समृद्धि की नई पटरी है जिस पर अब पूरा जशपुर दौड़ेगा।

वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्ष और मांग के बाद आखिरकार जशपुर को उसका सबसे बड़ा तोहफा मिल गया है। आने वाले समय में जब पहली ट्रेन पत्थलगांव की धरती पर सीटी बजाएगी, तब यह पल जिले के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।

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