शिव पुराण कथा के पांचवें दिन उमड़ी महिलाओं की भीड़, तीज और गणेश व्रत की महिमा बताकर करवा चौथ पर उठाए सवाल करवा चौथ पर पवन त्रिपाठी का बड़ा बयान: शास्त्रों में नहीं मिलता व्रत का उल्लेख, कथा मंच से महिलाओं को बताए पारंपरिक व्रत के नियम”

मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव

श्याम मंदिर परिसर में चल रही श्री शिव पुराण कथा के पांचवें दिवस कथावाचक पवन कुमार त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को शिव महापुराण का रसपान कराते हुए व्रत एवं उपवास की परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिनमें महिलाओं की संख्या विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

कथा के दौरान पवन त्रिपाठी ने महिलाओं द्वारा किए जाने वाले व्रतों के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि शास्त्रीय मान्यता के अनुसार महिलाओं को पति की दीर्घायु के लिए तीज व्रत तथा पुत्र की मंगलकामना के लिए गणेश व्रत करना चाहिए। उन्होंने बताया कि गणेश व्रत कृष्ण पक्ष में किए जाने का विधान है।

 

इसी क्रम में उन्होंने करवा चौथ व्रत को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में करवा चौथ का व्रत व्यापक रूप से प्रचलित हो चुका है, जबकि उनके अनुसार किसी भी प्रमुख शास्त्र या पुराण में इस व्रत का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। अपने विचार को उदाहरण के माध्यम से समझाते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देसी गायों के बीच जर्सी गाय का प्रचलन बढ़ा है, उसी प्रकार पारंपरिक व्रतों के बीच करवा चौथ भी समाज में लोकप्रिय हो गया है।

कथा के दौरान शिव पुराण के विभिन्न प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर हो गए। कथा समापन के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button