जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ फिर गरजा जंगल में गौ तस्करों की घेराबंदी! 37 गौवंश और 7 भैंस तस्करों के चंगुल से आज़ाद, 7 तस्कर गिरफ्तार, कई फरार एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह की सख्ती का असर, जशपुर में गौ तस्करों पर लगातार टूट रहा पुलिस का कहर



मुकेश अग्रवाल
जशपुर। जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ एक बार फिर गौ तस्करों पर भारी पड़ा। जिले के तपकरा थाना और मनोरा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इस दौरान 7 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि दूसरे मामले में पुलिस को देखकर तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
सुबह-सुबह जंगल में पुलिस की दबिश, तस्करों के उड़े होश
मुखबिर की पुख्ता सूचना पर तपकरा पुलिस ने तड़के करीब साढ़े चार बजे सड़वा जंगल में घेराबंदी की। यहां 28 गौवंशों को बेरहमी से हांककर झारखंड ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 7 तस्करों को दबोच लिया, जबकि गौवंशों को सुरक्षित कब्जे में लेकर तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम कर दी।
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड, ओडिशा और जशपुर के निवासी शामिल हैं। पूछताछ में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने पर सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धाराओं 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मनोरा में भी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तस्कर भागे… मवेशी छूटे
इधर मनोरा चौकी पुलिस ने इंदा घाट जंगल में दबिश देकर 9 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के कब्जे से छुड़ा लिया। हालांकि पुलिस को देखते ही आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
एसएसपी का साफ संदेश—”गौ तस्करों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा। गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”
ऑपरेशन शंखनाद का दम
✅ 37 गौवंश और 7 भैंस सुरक्षित मुक्त
✅ 7 तस्कर गिरफ्तार, भेजे गए जेल
✅ कई आरोपी फरार, तलाश जारी
✅ तपकरा और मनोरा पुलिस की संयुक्त बड़ी सफलता
जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई से गौ तस्करों में हड़कंप मच गया है। लगातार चल रहे “ऑपरेशन शंखनाद” ने तस्करी के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है।