शिक्षा की तस्वीर बदलने की तैयारी! पत्थलगांव में शिक्षा समिति की बड़ी बैठक, गुणवत्ता से लेकर योजनाओं तक हुआ गहन मंथन

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव। नए शिक्षा सत्र को बेहतर, प्रभावी और परिणाममूलक बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जनपद पंचायत पत्थलगांव की शिक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता शिक्षा समिति की सभापति एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती फिसलिफीना एक्का ने की। बैठक में समिति की सदस्य श्रीमती मुन्नी अग्रवाल, सुश्री निर्मला तिर्की, श्रीमती दासोतरा सिदार, श्री हंसलाल सिदार, श्रीमती संतोषी भारद्वाज एवं श्रीमती कौशल्या चौहान सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर

बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि केवल नामांकन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की स्कूलों में सतत उपस्थिति बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में सुधार के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।

जर्जर स्कूल भवन बने चिंता का विषय

बैठक में विकासखंड के जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। समिति ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्यों को शीघ्र कराने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

साइकिल, किताब और गणवेश योजनाओं की हुई समीक्षा

शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं सरस्वती साइकिल वितरण, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण और गणवेश वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

साला प्रवेश उत्सव को सफल बनाने पर जोर

बैठक में आगामी साला प्रवेश उत्सव को जनअभियान के रूप में मनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। लक्ष्य रखा गया कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे और अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए।

️ बीईओ वेदानंद आर्य ने दिए स्पष्ट निर्देश

विकासखंड शिक्षा अधिकारी वेदानंद आर्य ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों से पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अध्यापन कार्य करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने तथा योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

“गुणवत्ता, सुरक्षा और नामांकन—तीनों पर फोकस”

पत्थलगांव की शिक्षा समिति की बैठक में यह साफ संकेत मिला कि नए शिक्षा सत्र में शिक्षा विभाग केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति, भवनों की सुरक्षा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी अब धरातल पर दिखाई देने लगी है।

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