ऑपरेशन क्लीन हंट का शिकंजा: महीनों से फरार गांजा तस्कर चन्द्रमणी आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे, तस्करी की i20 कार भी जब्त”



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मुकेश अग्रवाल
। रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” की धार लगातार तेज होती जा रही है। कई महीनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा गांजा तस्कर चन्द्रमणी उर्फ चिंतामणी यादव (35) आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। पूंजीपथरा पुलिस ने न सिर्फ आरोपी को धर दबोचा, बल्कि गांजा तस्करी में इस्तेमाल की गई i20 कार (CG13BH5917) भी जब्त कर ली। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दरअसल, 23 अप्रैल 2026 को पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम तुमीडीह महुआ चौक के पास घेराबंदी कर गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा किया था। उस दौरान 2.728 किलो गांजा, ₹5,000 नकद और अन्य सामान जब्त किया गया था। कार्रवाई में दो आरोपी मौके पर ही गिरफ्तार हो गए थे, लेकिन चन्द्रमणी पुलिस की घेराबंदी तोड़कर फरार होने में सफल हो गया था।
मुखबिर तंत्र बना पुलिस का सबसे बड़ा हथियार
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाती रही। जैसे ही सूचना मिली कि चन्द्रमणी अपने गांव पहुंचा है, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने गांजा तस्करी में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली, जिसके बाद तस्करी में इस्तेमाल की गई i20 कार भी जब्त कर ली गई
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साफ शब्दों में कहा—
“ऑपरेशन क्लीन हंट केवल गिरफ्तारी अभियान नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए चेतावनी है कि कानून से भागकर कोई नहीं बच सकता। नशे के कारोबार पर लगातार प्रहार जारी रहेगा और युवाओं को इस जाल से बचाने के लिए रायगढ़ पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई करती रहेगी।”
ऑपरेशन क्लीन हंट का असर
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान अब फरार अपराधियों के लिए सबसे बड़ा डर बन चुका है। एक-एक कर वांछित आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना हो, कानून का शिकंजा आखिरकार अपराधियों तक पहुंचकर रहेगा।