स्कूल खुलने से पहले जशपुर में चला ‘ऑपरेशन सेफ्टी बस’! बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों की हुई सर्जिकल जांच, चालकों का भी हेल्थ टेसट 15 स्कूल बसें जांच के घेरे में, GPS से लेकर ब्रेक और ड्राइवर की आंखों तक हुई बारीकी से पड़ताल



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव/जशपुर।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले जशपुर पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर ऐसा अभियान चलाया, जिसने स्कूल बस संचालकों की जिम्मेदारियों को आईना दिखा दिया। रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित विशेष शिविर में स्कूल बसों की फिटनेस से लेकर चालकों के स्वास्थ्य तक की गहन जांच की गई।
पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में जिले की 15 स्कूली बसों को सुरक्षा जांच के लिए खड़ा किया गया, जहां हर बस की मानो “मेडिकल जांच” की गई। बसों के दस्तावेज, फिटनेस, बीमा, परमिट और प्रदूषण प्रमाण पत्र की बारीकी से जांच की गई, वहीं चालक और परिचालकों के स्वास्थ्य की भी पड़ताल की गई।
पहले ड्राइवर की आंखें जांचीं, फिर बस के पहिए
इस अनोखे शिविर में सिर्फ बसों की फिटनेस ही नहीं, बल्कि उन्हें चलाने वालों की फिटनेस भी जांची गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चालकों और परिचालकों का नेत्र परीक्षण, ब्लड प्रेशर और शुगर टेस्ट किया। अधिकारियों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ वाहन की मजबूती से नहीं, बल्कि चालक की शारीरिक और मानसिक क्षमता से भी जुड़ी होती है।
GPS, CCTV और स्पीड गवर्नर की भी हुई पड़ताल
जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों को कसौटी बनाया गया। बसों में लगे GPS, CCTV कैमरे, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी विंडो और सुरक्षा संकेतकों की भी जांच की गई।
इसके अलावा पुलिस की वाहन शाखा ने बसों के ब्रेक, हेडलाइट, टायर, स्टीयरिंग, हॉर्न, रिफ्लेक्टर और सीटों की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण किया, ताकि सड़क पर कोई भी लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भारी न पड़े।
आग लग जाए तो क्या करेंगे? जवानों ने दिया लाइव प्रशिक्षण
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा नगर सेना के जवानों ने बस चालकों और स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया। बस में आग लगने या किसी दुर्घटना की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित निकालने के तरीकों की जानकारी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा जशपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ऐसे विशेष जांच और जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।