पत्थलगांव पत्रकार हरगोविंद अग्रवाल पर हुये प्राणघातक हमले के मामले में आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

मुकेश अग्रवालपत्थलगांव । कुछ दिनों पूर्व ही जमीन की नाप जोक करने गए प्रेस क्लब के संरक्षक और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरगोविंद अग्रवाल के ऊपर ग्रामीणों ने ताबड़तोड़ लाठी-डंडे से हमला करते हुए मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई है। जिससे कार्यवाही ना होने पर अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
दिनांक 17 नवंबर 2022 दिन गुरूवार को पत्थलगांव के ग्राम लंजियापारा के एक ही परिवार के आठ से दस सदस्यो द्वारा लाठी डंडा एवं टांगी से प्राण घातक हमला किया गया। यह हमला उस दौरान हुआ जब हरगोविंद अग्रवाल राजस्व विभाग से मिले समंस में सहयोग प्रदान करने ग्राम लंजियापारा गये हुये थे। जहा एक विवादीत जमीन के मामले में एक आर.आई, दो पटवारी एवं पुलिस के आरक्षक की मौजूदगी मे नपायी जोकायी का कार्य चल रहा था।
उस दौरान आठ से दस लोगो की भीड़ ने मिलकर अचानक हरगोविंद अग्रवाल को घसिटते हुये लाठी डंडे एवं टांगी से ताबडतोड जानलेवा हमला कर दिया, जिससे हरगोविंद अग्रवाल बुरी तरह घायल हो गये वे। जिसके बाद उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ पत्थलगांव सिविल अस्पताल पहुंचे। जहा उनकी स्थिती गंभीर देखते हुये सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें बाहर रिफर कर दिया।उक्त घटना मे हरगोविंद अग्रवाल के पूरे शरीर के अलावा सिर में गंभीर चोटे आयी है, परंतु इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस विभाग की कार्यशैली आरोपियों के पक्ष में दिखायी दे रही है, जिसका जीता जागता उदाहरण यह है कि उक्त पूरी घटना का प्रत्यक्ष विडियों देखने के बाद एवं थाना मे एफ.आई.आर होने के बाद भी आज तक जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी या अन्य कार्यवाही नही हो पायी है।वहीं प्रेस क्लब पुलिस की इस कार्यशैली की निंदा करते हुये माननीय पुलिस महानिरीक्षक महोदय से दरख्वाश करता है कि एक पत्रकार पर हुये प्राण घातक हमला करने वाले आरोपियों के विरुद्ध जानलेवा हमला की धारा के तहत कड़ी कार्यवाही करते हुये आरोपियों द्वारा हरगोविंद अग्रवाल के विरूद्ध फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराये गये मामले को निरस्त करते हुये पत्रकार हरगोविंद अग्रवाल के साथ-साथ पत्थलगांव प्रेस क्लब को भी न्याय दिलाने की मांग की है।




