जॉइंट डायरेक्टर के छापे में मचा हड़कंप, एडवांस अटेंडेंस से लेकर मरीजों की उपेक्षा तक उजागर 108 के टीएमटी को हटाने के निर्देश, बीएमओ को कारण बताओ नोटिस, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश

 

 

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव।  जशपुर के पत्थलगांव सिविल अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब सरगुजा संभाग के जॉइंट डायरेक्टर अनिल शुक्ला ने अचानक औचक निरीक्षण कर दिया। अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाएं, कर्मचारियों की लापरवाही और मरीजों के प्रति उदासीन रवैया देखकर जॉइंट डायरेक्टर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों ने पूरे स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

एडवांस में भरे गए अटेंडेंस रजिस्टर ने उड़ाए होश

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जॉइंट डायरेक्टर ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। कई कर्मचारियों द्वारा आने वाले दिनों के लिए पहले से ही हस्ताक्षर किए जाने का मामला सामने आया, जबकि कुछ कर्मचारियों के कई दिनों से हस्ताक्षर ही नहीं थे। यह देखकर श्री शुक्ला हैरान रह गए और मौके पर ही बीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए संबंधित कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए।

प्रसव कक्ष में केवल 26 डिलीवरी, स्टाफ की कार्यशैली पर उठे सवाल

प्रसूति वार्ड का निरीक्षण करते हुए जॉइंट डायरेक्टर ने अस्पताल में कम प्रसव संख्या पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अस्पताल में केवल 26 डिलीवरी होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्टाफ नर्सों को प्रतिदिन तीन से चार बार डिलीवरी कक्ष की सफाई सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए।

कैनुला लगाने तक का सही तरीका नहीं, प्रशिक्षण पर उठे सवाल

वार्ड निरीक्षण के दौरान मरीजों को लगाए गए कैनुला की स्थिति देखकर जॉइंट डायरेक्टर भड़क उठे। जब उन्होंने स्टाफ नर्सों से कैनुला लगाने की प्रक्रिया के संबंध में सवाल पूछे तो कई नर्सें जवाब नहीं दे सकीं। इस पर उन्होंने बीएमओ से कहा कि यदि स्टाफ को बुनियादी चिकित्सा प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है तो तत्काल पुनः प्रशिक्षण कराया जाए।

गंदी चादरें, अव्यवस्थित दवा स्टोर और बदहाल वार्ड व्यवस्था

अस्पताल के दवा स्टोर में नई-पुरानी दवाइयां अव्यवस्थित ढंग से रखी मिलीं। जॉइंट डायरेक्टर ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी दवाओं को लेबलिंग कर सुव्यवस्थित रखने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वार्ड में गंदी चादरों और अव्यवस्था को देखकर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।

सोनोग्राफी सेवा पर सवाल, निजी अस्पतालों में रेफर करने पर चेतावनी

सोनोग्राफी कक्ष के निरीक्षण के दौरान मरीजों को संतोषजनक सेवा नहीं मिलने की शिकायत सामने आई। श्री शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों की ओर भेजना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमीशनखोरी की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

अस्पताल गार्डों की छुट्टी तय, शराबखोरी की शिकायत पर तत्काल हटाने के निर्देश

स्थानीय नागरिकों द्वारा अस्पताल के सुरक्षा गार्डों की अनुपस्थिति और शराब सेवन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जॉइंट डायरेक्टर ने दोनों गार्डों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही जिम्मेदार और कार्यशील सुरक्षा कर्मियों की नई नियुक्ति करने को कहा।

महिला डॉक्टर के कक्ष में अन्य डॉक्टरों की मौजूदगी पर नाराजगी

महिला रोग विशेषज्ञ के कक्ष में अन्य डॉक्टरों की मौजूदगी पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि महिला डॉक्टर के कक्ष में केवल संबंधित महिला चिकित्सक ही बैठें ताकि महिला मरीज बिना झिझक अपनी समस्या बता सकें।

108 एम्बुलेंस सेवा पर भी गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान 108 संजीवनी सेवा में पदस्थ टीएमटी पर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने की शिकायत सामने आई। इस पर जॉइंट डायरेक्टर ने संबंधित कर्मचारी को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने और उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, नहीं सुधरी व्यवस्था तो होगी बड़ी कार्रवाई

निरीक्षण के अंत में जॉइंट डायरेक्टर अनिल शुक्ला ने बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने, कई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने और एक सप्ताह के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका अगला निरीक्षण जल्द होगा और यदि खामियां दोबारा मिलीं तो बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जाए।

अस्पताल के मेंन गेट पर महीने भर का रोस्टर चार्ट एव अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की लिस्ट  बड़े-बड़े अक्षरोंमें डिस्प्ले लगाने के दिए निर्देश।

 

जॉइंट डायरेक्टर के औचक निरीक्षण ने पत्थलगांव सिविल अस्पताल की कई परतें खोल दी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि एक सप्ताह बाद अस्पताल की तस्वीर बदलती है या फिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गाज गिरती है।

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