सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का की तर्ज पर चल रहा अस्पतालअस्पताल के 117 के स्टाफ में दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारी मिले अनुपस्थित पत्थलगांव तहसीलदार उमा  सिंग ने उपस्थिति रजिस्टर किया जप्त

मुकेश अग्रवाल

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पत्थलगांव में करंगाबहला निवासी ऋषि यादव के मौत के बाद पत्थलगांव सिविल अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पुरी की पूरी पोल खुल गई जहां डायलिसिस के लिए लाए गए ऋषि कुमार यादव को पत्थलगांव में बार-बार बिजली गुल होने की वजह से सिविल अस्पताल में लगे करोड़ों रुपए के दो-दो जनरेटर, लाखों रुपए की छत पर लगी सौर ऊर्जा की प्लेट नाकाम साबित हुई जहां डायलिसिस करते समय इमरजेंसी में ना तो जनरेटर ही उपयोगी थे ना ही लाखों रुपए की सौर ऊर्जा की प्लेट उपयोगी साबित हुई ।लाइट के लिए इमरजेंसी सेवा अस्पताल की कई महीनो से ठप्प पड़ी है लेकिन उच्च अधिकारियों की अनदेखी के कारण करंगाबहला के युवा 40 वर्षीय ऋषि कुमार को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा वही पत्थलगांव सिविल अस्पताल में मरीज के लिए संजीवनी का काम करने वाली ऑक्सीजन भी मौजूद नहीं थी

जबकि शासन द्वारा कोरोनाकाल में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना करोड़ों रुपए लगाकर कर तो दी है लेकिन आज तक ऑक्सीजन प्लांट का दरवाजा तक नहीं खोला गया है ।कल परिजनों के हंगामा के बाद पत्थलगांव सिविल अस्पताल में पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने पहुंचकर तत्काल ही वस्तु स्थिति का जायजा लिया विधायक के सामने परिजनों ने द्वारा अपने युवा बेटे का मौत होने का गम साफ झलक रहा था परिजनों ने बताया कि करोड़ों रुपए के अस्पताल में शासन द्वारा लाखों रुपए के दो-दो जनरेटर व लाखों रुपए की सौर ऊर्जा की प्लेट तो लगा दी गई है लेकिन महज दिखावा ही साबित हो रही हैं ना तो लाइट गोल होने पर जनरेटर चल रहे थे ना ही इमरजेंसी सौर ऊर्जा की प्लेट काम कर रही थी उनके द्वारा बताया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर भी मौजूद नहीं है इतना सुनते ही पत्थलगांव विधायक गोमती साय भड़क उठी उन्होंने तत्काल मौजूद पत्थलगांव बीएमओ से जनरेटर के खराबी व ऑक्सीजन के बारे में पूछताछ की तो बीएमओ द्बारा चुप्पी साध ली गई ।विधायक द्वारा तत्काल जशपुर कलेक्टर से बात की एवं पत्थलगांव की स्वास्थ्य विभाग की अवस्थाओं को अवगत कराया एवं तत्काल सुधार करने के लिए कहा गया। परिजनों द्वारा लाश को सड़क पर रखकर चक्का जाम करने पर मौके पर पहुंचे पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल वह पत्थलगांव तहसीलदार उमा सिंह ने परिजनों को समझाईस देते हुए चक्का जाम खुलवाया एवं तहसीलदार द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया गया तहसीलदार द्वारा जब अस्पताल का उपस्थिति रजिस्टर चेक किया गया तो तहसीलदार की आंखें फटी की फटी रह गई जहां 117 कर्मचारियों के स्टाफ में दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए वहीं उपस्थिति रजिस्टर में कई हफ्तों से साइन ही नहीं किए गए थे सबसे मजेदार पहलू यह है कि बीएमओ द्वारा 117 वें नंबर पर अपने साइन किए जाते हैं जबकि ऊपर में अनुपस्थित कर्मचारियों के सामने लाल पेन से टीक ही नहीं किए जाते हैं जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।इसके बाद तहसीलदार द्वारा तत्काल रजिस्टर को जप्त करते हुए उच्च अधिकारियों को कार्यवाही के लिए अवगत कराने की बात कही गई ।
पत्थलगांव का सिविल अस्पताल हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है जहां शतक से भी ज्यादा कर्मचारियों की पदस्थापना के बाद भी अस्पताल में कर्मचारी इक्का-दुक्का ही नजर आते हैं कल की तहसीलदार की कार्यवाही से अस्पताल प्रबंधन के पोल खोल कर रख दी ।”सैयां भाई कोतवाल तो डर काहे का” की तर्ज पर अस्पताल में उपस्थिति दर्ज हो रही है ।


पत्थलगांव के नागरिकों ने पत्थलगांव विधायक से बात करते हुए कहा है कि पत्थलगांव अस्पताल में यदि बारीकी से जांच की जावे तो करोड़ों रुपए के घपला उजागर होंगे ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पत्थलगांव स्वास्थ्य विभाग में जीवनदीप समिति में दर्जनों कर्मचारियों की नियुक्ति कर बिना किसी काम के लाखों रुपए के पैसों का वारा-न्यारा किया जा रहा है सबसे बड़ी मजेदार पहलू यह है कि अस्पताल में इलेक्ट्रीशियन व अन्य कार्यों के लिए स्थानीय एक व्यक्ति की हजारों रुपए देकर नियुक्ति की गई है लेकिन अस्पताल में बिजली के साथ पानी सप्लाई का बुरा हाल है आखिर हजारों रुपए हर महीने स्पेशल व्यक्ति को दिए जा रहे हैं ।पत्थलगांव के नागरिकों ने विधायक गोमती साय से मांग की है कि पत्थलगांव में सिविल अस्पताल के लिए अलग से अस्पताल अधीक्षक की नियुक्ति की जावे क्योंकि पत्थलगांव सिविल अस्पताल के साथ सीएससी अस्पताल भी है जिसके कारण अस्पताल की देखरेख करना संभव नहीं हो पा रहा है यहां स्पेशल अस्पताल अधीक्षक की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि असमय में लोगों को जान से हाथ ना धोना पड़े ।
कल की घटना के बाद जशपुर से सीएच एम ओ विपिन ईदरवार जांच के लिए पहुंचे थे जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा मामले की जांच कर कलेक्टर को प्रतिवेदन सौंपा जावेगा निश्चित रूप से जो भी मामले पर दोषी पाए जाएंगे उन्हें नहीं बक्शा जावेगा।


भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा पत्थलगांव अस्पताल में बिजली व ऑक्सीजन के अभाव को लेकर एक युवा के असमय काल के गाल में चले जाने के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के मुखिया को अवगत करा दिया गया है इस मामले पर जल्द ही संज्ञान लिया जावेगा ।
अब देखना यह है कि हर बार की तरह भी क्या इस मामले पर भी पर्दा डाल दिया जाएगा या यूं ही पत्थलगांव क्षेत्र के लोग अवस्थाओं के चलते अपनी जान देते रहेंगे। पत्थलगांव स्वास्थ्य विभाग में अंगद की पांव की तरह जमे कर्मचारियों पर कब नजरे प्रशासन की टेढ़ी होगी??

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