एन एच 43 का अंबिकापुर रोड बिस्कुट फैक्ट्री के पास बुरा हाल
एनएच43 सड़क ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से भी बदतर
ग्रामीणों ने सड़क ढूंढने वाले को की इनाम की घोषणा




पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
कई सालों से एन एच 43 की सड़क अपनी दुर्दशा के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में ख्याती प्राप्त कर चुकी है एन एच की सड़क लगभग 10 सालों से निर्माण कार्य निर्माणाधीन है किंतु आज तक एन एच 43 सड़क पूरा होने का नाम नहीं ले रही है जहां सबसे बुरा हाल पत्थरलगांव के अंबिकापुर रोड के बिस्कुट फैक्ट्री से लेकर प्रकाश स्कूल तक जर्जर एवं तालाब नुमा में गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जहां नागरिकों ने इन सड़कों के निर्माण के लिए कई बार चक्का जाम तक किया जा चुका है लेकिन एन एच 43 सड़क की वही पुरानी स्थिति आज भी विद्यमान हो चुकी है जहां सड़कों को मरम्मत करना तो दूर सड़कों की ओर देखने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी अपना मुंह मोड़े हुए हैं ।सड़क ग्रामीण क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों से भी ज्यादा बदतर स्थिति निर्मित हो चुकी है जहां सड़कों पर बड़े-बड़े तालाब का निर्माण हो चुका है बाहर से आने वाले लोगों के लिए इन सड़कों को देखकर कहीं गलत सड़क पर गुजरने की स्थिति बन जाती है लेकिन जब सड़क किनारे मौजूद लोगों से पूछा जाता है तब नए वाहन चालकों को पता चलता है कि यह एन एच 43 की ही सड़क है यही हाल पत्थलगांव के पुरन तालाब से लेकर एसडीम ऑफिस तक के सड़क का भी हाल है जहां सड़कों पर से होकर हर रोज पत्थलगांव स्थानीय प्रशासन के प्रमुख एसडीम इन सड़कों से होकर गुजरते हैं लेकिन एन एच अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन के एसडीएम की थी आदेशों की परवाह नजर नहीं आती है कुल मिलाकर पत्थलगांव के दोनों छोर अंबिकापुर रोड एवं जशपुर रोड की हालत एकदम बद से बद्तर हो चुकी है इन सड़कों पर लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है एवं नागरिक दुर्घटनाग्रस्त होकर हर रोज अस्पताल की ओर दौड़ लगा रहे हैं लेकिन इन सब के बावजूद भी अधिकारी ,जनप्रतिनिधि अपनी आंखें मूंदकर इन सब सड़कों की ओर से नज़रें फेर हुए पड़े हैं ।आखिर इन सड़कों की इस बदतर हालत का जिम्मेदार कौन ???आखिर इन सड़कों का इस हाल में छोड़ने की जिम्मेदार कौन ???नागरिकों का अंत में यही रास्ता बच रहा है कि आने वाले दिनों में नागरिक इन सड़कों के हाल के लिए अपने वोट का इस्तेमाल कर ही जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाएंगे।

