सिविल अस्पताल पत्थलगांव में डॉक्टरों की सुरक्षा भगवान भरोसे
एक व्यक्ति ने डॉक्टर से की अश्लील हरकत
आरोपी पुलिस हिरासत में

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
पत्थलगांव सिविल अस्पताल करोड़ों रुपए का निर्माण तो कर दिया गया है किंतु डॉक्टर ,स्टाफ एवं अस्पताल की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है जहां अस्पताल में सुरक्षा के लिए किसी भी तरह के प्रशासन द्वारा प्रबंध नहीं किए गए हैं अस्पताल में हर हमेशा लड़ाई झगड़ा ,असामाजिक तत्वों का डेरा के साथ अवैध कामों का अड्डा बन चुका है जिसको लेकर सिविल अस्पताल के स्टाफ द्वारा लगातार ही सुरक्षा की मांग की जाती रही हैं किंतु प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए के इतने बड़े हॉस्पीटल में सुरक्षा के कोई भी पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए जिसका जीता जागता उदाहरण कल देखने को मिला जब सिविल अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर के साथ शिवपुर निवासी मणि नट द्वारा अश्लील हरकत करते हुए गाली गलौज की गई ।उक्त व्यक्ति द्वारा लगातार ही कई दिनों से अस्पताल के अधिकारी एवं कर्मचारियों से लगातार ही जान से मारने की धमकी एवं गंदी गंदी गाली गलौज की जाति थी जिसका अधिकारी कर्मचारियों द्वारा डर के वजह से थाने में रिपोर्ट दर्ज कर नहीं की जा रही थी किंतु कल उक्त व्यक्ति ने अपने हौसले बढ़ाते हुए ड्यूटी रत डॉक्टर के केबिन में पहुंचकर गंदी एवं अश्लील हरकत की गई जिसके बाद डॉक्टरों ने पत्थलगांव पुलिस थाने पहुंचकर आवेदन दिया जिस पर पत्थरलगांव थाना प्रभारी ने धीरेंद्र दुबे द्वारा तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी मणि नट शिवपुर निवासी को गिरफ्तार करते हुए धारा 354(घ),509,294,506,186,पर कार्यवाही कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा
पत्थलगांव एसडीएम को सौंपा सुरक्षा गार्ड के लिए आवेदन
पत्थलगांव के नव पदस्थ एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी को पत्थलगांव सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉक्टर जेम्स मींज, विकास गर्ग ,आशीष अग्रवाल एवं सभी डॉक्टरों की टीम एवं स्टाफ ने मिलकर सिविल अस्पताल में सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड के व्यवस्था करने के लिए ज्ञापन सौंपा है डॉक्टरों ने बताया कि सिविल अस्पताल में हमेशा ही असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है रात्रि में अस्पताल के स्टाफ खासकर महिला स्टाफ को असामाजिक तत्वों के अभद्र भाषा एवं सुरक्षा को लेकर चिंता लगी रहती है जिसके लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की महती आवश्यकता महसूस हो रही है विगत कुछ वर्षों पूर्व जिले के कलेक्टर ने पत्थलगांव सिविल अस्पताल में चार सुरक्षा गार्ड दिए थे किंतु कुछ समय बाद कलेक्टर के जाते ही सुरक्षा गार्ड वापस ले लिए गए जो आज पर्यंत पूरा सिविल अस्पताल बिना सुरक्षा गार्ड के चल रहा है ।एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने सिविल अस्पताल के नियत समय के बाद मेन गेट को छोड़कर अन्य गेट को ताला लगाने के लिए भी अपना सुझाव दिया है जिस पर बीएमओ ने सहमति देते हुए मेन गेट छोड़कर बाकी सभी गेट को सुरक्षा के लिहाज से ड्यूटी टाइम के बाद ताले लगाने का निर्देश दिया गया है।

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