भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा मनरेगा का 20 लाख का तटबंध,
जिले में बह रही भ्रष्टाचार की गंगा 40 दिन में ही 20 लाख बहे
प्रदेश सरकार की छवि पर लगा रहे अधिकारी बट्टा
आखिर लाखों रुपयों की भरपाई करेगा कौन ??भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदारी किसकी??



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव/कुनकुरी
सरकार अपना चेहरा विकास के अनुरूप जनता तक पहुंचाती है और विशेष कर कुछ ऐसी योजना जो जनता के हित में सरकार जीविकार्जन के लिए लागु करती है वैसे ही एक महत्वपूर्ण योजना महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी योजना है जिसमें लोग मजदूरी करके अपने लिए जीविका का साधन बनाते हैं ऐसी योजना जब पानी में बहने लगे तो जाहिर सी बात है अधिकारी और ठेकेदार भ्रस्टाचार को कितना बढ़ावा दे कर सरकार की छवि ख़राब करने में लगे हैं
मामला बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम कुदमुरा की है जहाँ विकास ढह कर पानी में तैरता हुआ दिखा है 20 लाख रूपये की लागत से नव निर्मित तटबंध जब अचानक टूटकर नदी में तैरती हुई ग्रामीणों को दिखी तो गांव में विकास की चर्चा के साथ माहौल दिखने लगी लोग इसकी कल्पना कर रहे थे की महीने भर पहले बनी यह तटबंध आखिर टूट कैसे गया हालाँकि पंचायत के जिम्मेदार इस पर कुछ नहीं कह रहे हैं लेकिन उनकी ख़ामोशी भी कहीं कमीशन के निचे दब सा गया है वहीँ इस सुचना पटल पर लिखे बड़े बड़े शब्दों में अधिकारीयों का भी नाम और फोन नंबर लिखा है जिसमे जिम्मेदार अधिकारी निर्माण के समय झाँकने भी नहीं आये हैं हाँलाकि इस घटिया निर्माण की पोल तो अब खुल गई है लेकिन रही बात जाँच की देखना होगा की जिम्मेदार अधिकारी इसपर कैसे जाँच करते हैं या कमीशन के आभाव में वो भी जाँच में ही लटका देते हैं ! मामला गंभीर है क्यूंकि यहाँ भ्रस्टाचार का नंगा नाच सबके सामने आ गया है ठेकेदार से अधिकारियों तक सबकी जाँच होनी चाहिए इस तटबंध के टूटने से कई सवाल खड़े होते हैं पहला तो क्या नदी में विभाग तटबंध निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान करता है क्या निर्माण के समय 15 वें वित्त की कुछ राशि का दुरुपयोग ठेकेदार को पंचायत सहयोग करते समय गुणवक्ता की जाँच करती है क्या अधिकारी निर्माण के समय मूल्यांकन किये थे अगर किये थे तो महीने भर में टूट कैसे गई क्या ठेकेदार द्वारा छड़ और सीमेंट का स्टीमेंट के आधार पर उपयोग किया गया था हांलाकि इस भ्रस्टाचार में ठेकेदार जितने दोषी हैं उतने दोषी अधिकारी भी हैं जो मुख्यालय में बैठकर सरकार की योजना और पैसे को बंटाधार करने में लगे हैं ऐसे अधिकारीयों के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए

