वन विभाग के पास दाह संस्कार के लिए लकड़ियां मौजूद नहीं
दाह संस्कार के लकड़ी के लिए भटक रहे नागरिक



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। नगर पंचायत पत्थलगांव एवम आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। वन विभाग द्वारा जलावन लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करने से लोगों को आसपास के गांवों से लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। किसी परिवार के सदस्य की मौत पर परिजन लकड़ी का जुगाड़ करने के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं।
वनविभाग में दाहसंस्कार हेतु लकडी नही होने से मृतक शरीर को दाह करने में परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाको के लिए। परिजन दूसरे जिले से लकडी लाकर दाहसंस्कार कर रहे है। पिछले कई महिनों से वनविभाग द्वारा की ही होना बताया जा रहा है। हालाकिं वन परिक्षेत्र अधिकारी कृपा सिंधु पैंकरा ने बताया कि दाह संस्कार के लिये लकडी हेतू पत्थलगांव समेत लुड़ेग, बाबा हेतु विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, परन्तु जशपुर से अभी तक किसी प्रकार की इस मामले पर सुनवाई नही की जा रही है, जिससे आमजनता को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि जल्द ही लकडी मांगा ली जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसी इंसान की मृत्यु हो जाने के बाद दाह करने हेतु जलाउ लकडी के लिए खुब मशकत करनी पडती है। ग्रामीण दूसरे जिले के वन मंडल जैसे कापू, सीतापुर एवं बाकारूमा से लकडी लेकर दाह संस्कार का कार्य पूरा कर रहे है। अब सवाल यह उठता है कि इतने बडे वन परिक्षेत्र में जलाउ लकडी नही होना समझ से परे है, आये दिन पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में जंगल की कटाई सुर्खियों में रहती है। विभाग द्वारा इन कटे लकडियों को जत भी किया जाता रहा है। फिर विभाग में जलाउ लकडी का नही होना कई सवालिये निशान खड़ा रहे है।