मानसून ने पकड़ी रफ्तार ,किसानों के खिले चेहरे ,नागरिकों ने निकाली छतरी



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
जहां मानसून के देरी से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच रही थी वही मानसून का आगाज जबरदस्त बारिश से होने के कारण किसानों के चेहरे पर खुशियों की लकीरें देखी जा रही हैं जहां किसान खेतों की ओर अपने हल लेकर दौड़ते देखे जा रहे हैं वही नागरिक अपनी पुरानी छतरी को फिर से निकालकर सड़कों पर नजर आने लगे हैं मानसून की वजह से बच्चे खासकर बचपन की यादों को ताजा करते हुए बारिश में भीगने का आनंद लेते हुए भी नजर आ रहे हैं
एन एच 43 व आदर्श ग्राम कुकेकेला को जोड़ने वाली करोड़ों रुपए की बनाई गई प्रधानमंत्री सड़क के जीरो पॉइंट पर पहली मानसून की फुहार के साथ ही जीरो पॉइंट तालाब में तब्दील हो चुका है जहां नागरिकों को तालाब से होकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ रहा है तालाब पार कर जाने के लिए नागरिक दो-चार होते देखे जा सकते हैं इस जीरो पॉइंट के लिए समाचार पत्रों में पूर्व में समाचार भी प्रकाशित किए गए थे किंतु प्रधानमंत्री सड़क विभाग के अधिकारियों ने आंखें बंद कर जीरो पॉइंट पर इतने बड़े गड्ढे को छोड़ देने की वजह से जीरो पॉइंट पहली बारिश में ही तालाब में तब्दील हो चुका है यदि जल्द ही जीरो पॉइंट पर गड्ढे को प्लेन नहीं किया गया तो नागरिक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं
nh43 सड़क के किनारे पहली बारिश में ही पानी का हो रहा जमाव nh-43 के किनारे पानी निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से जगह-जगह पहली बारिश में ही मानसून का पानी जमा होता दिखा जा सकता है जबकि एनएच का निर्माण हुए अभी 1 वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है एवं एनएच विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की बनाई गई नाली में बेकाम नजर आ रही है जहां पानी नाली में जाने के बजाय सड़कों पर ही बह रहा है सड़कों के किनारे पानी जमा होने से सड़कों के फिर से गड्ढों में बदलने का अंदेशा नजर आ रहा है।


पत्थलगांव
जहां मानसून के देरी से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच रही थी वही मानसून का आगाज जबरदस्त बारिश से होने के कारण किसानों के चेहरे पर खुशियों की लकीरें देखी जा रही हैं जहां किसान खेतों की ओर अपने हल लेकर दौड़ते देखे जा रहे हैं वही नागरिक अपनी पुरानी छतरी को फिर से निकालकर सड़कों पर नजर आने लगे हैं मानसून की वजह से बच्चे खासकर बचपन की यादों को ताजा करते हुए बारिश में भीगने का आनंद लेते हुए भी नजर आ रहे हैं
एन एच 43 व आदर्श ग्राम कुकेकेला को जोड़ने वाली करोड़ों रुपए की बनाई गई प्रधानमंत्री सड़क के जीरो पॉइंट पर पहली मानसून की फुहार के साथ ही जीरो पॉइंट तालाब में तब्दील हो चुका है जहां नागरिकों को तालाब से होकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ रहा है तालाब पार कर जाने के लिए नागरिक दो-चार होते देखे जा सकते हैं इस जीरो पॉइंट के लिए समाचार पत्रों में पूर्व में समाचार भी प्रकाशित किए गए थे किंतु प्रधानमंत्री सड़क विभाग के अधिकारियों ने आंखें बंद कर जीरो पॉइंट पर इतने बड़े गड्ढे को छोड़ देने की वजह से जीरो पॉइंट पहली बारिश में ही तालाब में तब्दील हो चुका है यदि जल्द ही जीरो पॉइंट पर गड्ढे को प्लेन नहीं किया गया तो नागरिक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं
nh43 सड़क के किनारे पहली बारिश में ही पानी का हो रहा जमाव nh-43 के किनारे पानी निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से जगह-जगह पहली बारिश में ही मानसून का पानी जमा होता दिखा जा सकता है जबकि एनएच का निर्माण हुए अभी 1 वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है एवं एनएच विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की बनाई गई नाली में बेकाम नजर आ रही है जहां पानी नाली में जाने के बजाय सड़कों पर ही बह रहा है सड़कों के किनारे पानी जमा होने से सड़कों के फिर से गड्ढों में बदलने का अंदेशा नजर आ रहा है।