संत कबीर दास के जयंती पर शहर में निकाली गई शोभायात्रा
कबीर की वाणी एवं आतिशबाजी से शहर हुआ गुंजायमान



मुकेश अग्रवाल/पत्थलगांव
: निर्गुण ब्रह्म के उपासक संत कबीर दास की जयंती पर आज रविवार को मनिकपुरी पनिका समाज द्वारा शोभायात्रा निकाली गई।जहां रथ में संत कबीर की छायाचित्र रखकर उन्हें स्मरण किया जा रहा था।इस शोभायात्रा में सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं,पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए। यह शोभायात्रा लाखझार के कबीर आश्रम से निकाली गई जो पत्थलगांव शहर पहुंचकर रायगढ़ रोड,अंबिकापुर रोड,जशपुर रोड तीनों मार्ग का भ्रमण किया।इस दौरान लोगों में जयकारे लगाते हुए संत कबीर दास के भजनों में झूमते नजर आए एवं इंदिरा गांधी चौक पर जमकर आतिशबाजी की गई।
इस अवसर पर युवा जिला उपाध्यक्ष मनोरंजन दास महंत ने बताया कि इस दिन कबीर साहेब लहरतारा तालाब में पुष्प फूल में अवतरित हुए थे। वे एक विचारक और समाज सुधारक थे। समाज के दोष को खत्म करने उन्होंने अपने पूरे जीवन में कई दोहे और कविताओं की रचना की। अपने साहित्य लेखनी के माध्यम से उन्होंने पूरा जीवन समाज में फैले अंधविश्वास और आडंबरों की न सिर्फ निंदा की,बल्कि अपने दोहों के जरिए जीवन को सही ढंग से जीने की सीख हमें दी।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष धनीदास महंत, युवा जिला उपाध्यक्ष मनोरंजन दास महंत,ब्लॉक अध्यक्ष ओंकार दास महंत, सचिव पिंटू महंत,सरवन दास,पिंगल दास, नरेश महंत एवं समस्त कबीर पंथ के लोग उपस्थित रहे।
