पत्थलगांव बिस्कुट फैक्ट्री में लगी भीषण आग
करोड़ों का सामान जलकर स्वाहा
फायर ब्रिगेड की कमी से आग बेकाबू
स्थानीय प्रशासन के निकले पसीने

, मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
पत्थलगांव रायगढ़ रोड स्थित बिस्कुट फैक्ट्री में आज दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर चुकी हैं आग से उठने वाले धुएं को देखकर शहरवासी घबरा गए जहां देखते ही देखते शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों का हुजूम आग बुझाने के लिए उमड़ पड़ा। पत्थलगांव पुलिस प्रशासन को आग की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला गया वहीं पत्थलगांव एसडीएम रामशिला लाल एसडीओपी हरीश पाटिल, थानेदार भास्कर शर्मा मौके पर पहुंचते हुए पत्थलगांव नगर पंचायत को आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई। फायर ब्रिगेड पत्थलगांव के कंडम स्थिति के कारण तत्काल स्थानीय प्रशासन ने जसपुर, सरगुजा से फायर ब्रिगेड मंगाया गया जहां फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक बिस्कुट फैक्ट्री में लगी आग ने सबकुछ जलाकर स्वाहा कर दिया। आग से करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ आग से क्षति का आकलन नहीं किया जा सकता आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों ने अपने अपने स्तर से प्रयास करते हुए काफी हद तक आग पर काबू पाया गया ।2 घंटे से ज्यादा समय बाद सरगुजा एवं जसपुर की फायर ब्रिगेड पहुंच चुकी है जहां फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया गया था स्थानीय लोगों के साथ पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन मुस्तैदी से डटा हुआ है
पत्थलगांव नगर पंचायत की फायर ब्रिगेड की फिर खुली पोल
पत्थलगांव में विगत कुछ माह पूर्व पत्थलगांव के मिक्चर फैक्ट्री में आग लग गई थी जिस आग को काबू करने के लिए भी जसपुर सरगुजा से फायर ब्रिगेड मंगाए गए थे किंतु पत्थलगांव में नगर पंचायत के पास फायर ब्रिगेड कंडम हालत में थी जिस कारण मिक्चर फैक्ट्री मालिक को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था एवं फायर ब्रिगेड की कमी पत्थलगांव के नागरिकों को खल रही थी यदि फायर ब्रिगेड पत्थलगांव में सही स्थिति में होती तो आग पर तत्काल काबू पाया जा सकता था और इस तरह का नुकसान नहीं झेलना पड़ता वही आज भी वही स्थिति बिस्कुट फैक्ट्री में आग लगने के बाद देखने को मिली जहां फायर ब्रिगेड आग बुझाने में नाकाम रही फायर ब्रिगेड खुद के इलाज करने के लिए ही छटपटाते रही फायर ब्रिगेड में पानी लाने से पहले ही फायर ब्रिगेड में इतने छेद हैं कि पानी आते आते ही आधा खाली हो जाता है बचा पानी से आग पर काबू पाना सोचनीय प्रश्न है ।पत्थलगांव के स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत को साथ जनप्रतिनिधियों को भी कोसते नजर आए नागरिकों का कहना था कि नगर पंचायत में हर वर्ष लाखों करोड़ों रुपए की अनुपयोगी चीजों की खरीदी की जाती है किंतु शहर के लिए सबसे जरूरी फायर ब्रिगेड की खरीदी नहीं करना कहीं ना कहीं संदेहों को जन्म दे रहा है ।
अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि , नागरिकों को कब आग लगने के बाद संजीवनी का काम करने वाली फायर ब्रिगेड की कमी पूरी हो पाती है या यूं ही आग लगने पर कुआं खोदने वाली कहानी चलती रहेगी??

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