लाखों रुपए के सागौन के पेड़ कटाई एवं जेसीबी ट्रैक्टर जब्ती मामले पर वन विभाग की टीम ने पत्थलगांव थाने में की गणना? वन विभाग अधिकारी कर्मचारियों के बड़ी मात्रा में जब्त लकड़ी गणना करने में छूटे पसीने?? जिले की वन विभाग के उच्चाधिकारी फोन उठाना समझते हैं शान के खिलाफ



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव-जंगल में बेशकीमती सागौन लकड़ी की बेखौफ कटाई मामले में पुलिस एवं ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ी गई लाखों रुपए की सागौन लकड़ी की जांच पुलिस थाना परिसर में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है वन विभाग के कर्मचारियों के धूप में इतनी अधिक मात्रा में मिली सागौन लकड़ी की गणना करने में पसीने छूट रहे हैं जरा सोचिए पुलिस विभाग ने वन विभाग के काम को करते हुए आरोपी खुंटिया के घर से शाम 6:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक लगातार घर से माल जप्त करते हुए थाना परिसर लाया गया था इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सागौन के चोरी तस्करी में उक्त आरोपी कितने लंबे समय से सागौन तस्करी में लिप्त था। अधिकारी केवल एसी कमरों में बैठकर जंगलों की जांच निरीक्षण का कागजों में घोड़े दौड़ा कर केवल खानापूर्ति करते दिखाई देते हैं यदि अधिकारी कर्मचारी सप्ताह में भी जंगलों का निरीक्षण करते तो आज इतने लाखों रुपए की कीमती सागौन लकड़ी तस्करों की भेंट के साथ विभागीय अधिकारी की संलिप्तता तुरंत उजागर हो जाती किंतु जिले में बैठे वन विभाग के उच्चाधिकारी केवल जिले में ही एसी कमरों में बैठकर अपने अधिकारी कर्मचारियों को आदेश देकर केवल खानापूर्ति करते नजर आते हैं जब कोई बड़ी घटना प्रकाश में आती है तब अधिकारी बंद कमरों से निकलकर जांच के नाम पर एकाध छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरा कर मामले पर पर्दा डाल देते हैं जिसका जीता जागता उदाहरण लाखों रुपए की सागौन पेड़ कटाई से लगाया जा सकता है। जिले में बैठे उच्चाधिकारी वन विभाग के फोन उठाना तक अपनी शान के खिलाफ समझते हैं जहां उन्हें क्षेत्र में हो रहे इस तरह के अवैध कामों की सूचना दी जा सके लेकिन फोन उठाना तो अधिकारी अपनी शान के खिलाफ समझते हैं।

पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के लुड़ेग क्षेत्र के जंगल से बेशकिमती इमारती लकडियो की तस्कारी के खेल में वनकर्मियों की निष्क्रियता की बात सामने आ रही है अब विभाग जिम्मेदार वनकर्मियो के खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करने का मन बनाती नजर आ रही है दरअसल लुड़ेग क्षेत्र के जंगल और लुड़ेग निवासी मनोज खुंटिया के घर से मिली लाखो की बेशकीमती इमारती बरामद किये जाने के मामले में जषपुर जिले का वन विभाग को खासी किरकरी का सामना करना पड़ रहा है सूत्रों के मुताबिक जिले के इतिहास में शायद यह पहला मामला होगा जिसमे लकड़ी की तस्करी में स्वंय फारेस्ट गार्ड की सलिंपतता ने जिले मे वन विभाग के कार्यशैली को आम जनता के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
*वनकर्मियों की निष्क्रियता और मिलीभगत ने पूरे खेल को दिया अंजाम*
इस पूरे खेल में क्षेत्र की असिस्टेंट रेंजर आशा लकड़ा एंव फारेस्ट गार्ड अनूप लकड़ा की भूमिका को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए है दरसल रेंज असिस्टेंट आशा लकड़ा को पत्थलगांव डिपो के प्रभार के साथ-साथ संबधित क्षेत्र के रेंज असिस्टेंट का भी प्रभार मिला हुआ है श्रीमती लकड़ा पत्थलगांव में निवासरत है नियमानुसर उन्हे नियमित प्रतिदिन अपने रेंज क्षेत्र का भ्रमण करना था यदि रेंज असिस्टेंट का नियमित मानिटरींग होता रहता या अपने रेंज क्षेत्र में ही निवास करती तो शायद फारेस्ट गार्ड इतना बडा हिम्मत नही कर पाता विदीत हो कि रेंज असिस्टेंट की भूमिका बेहद अहम होता है रेंज असिस्टेंट श्रीमती लकड़ा की निष्क्रियता का फायदा उठाकर फॉरेस्ट गार्ड अनुप लकडा ने माफियाओं के साथ मिलकर इतना बड़ा इतना बड़ा खेल को अंजाम दे दिया।सवाल यह है कि यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा था और विभाग के आला अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी फिलहाल वन विभाग द्वारा पत्थलगांव थाने मे जब्त होकर रखे लकडी को सुपुर्दनामा मे लेकर प्रतिवेदन भेजने की तैयारी की जा रही है।
*साल वृक्ष की लकडी कहंा से आई संदेह व्याप्त*
गौरतलब हो कि लुडेग निवासी मनोज खुंटिया के निवास से बरामद लकडी के चीरान एंव नक्कासी किए गए चैखट मे से आधा से ज्यादा लकडी साल वृक्ष के है और पत्थलगांव क्षेत्र में साल वृक्ष के जंगल न के बराबर है कुछ साल वृक्ष जोरडोल किलकिला के जंगल मे विधमान है उम्मीद जताई जा रही है कि जब्त लकडियों में से आधा लकडी जो साल की लकडी है उन्हे पत्थलगांव क्षेत्र से बाहर की जंगल से लाया गया हो या फिर किसी के निजी जमीन मे लगे साल वृक्षों से काटा गया हो लेकिन दोनो ही मामलों में बाहर से लाने यो फिर निजी वृक्ष को काटने से पुर्व वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी है परंतु साल की इतनी मात्रा मे लकडी आई कहां से यह अपने आप में ही जांच का विषय है।
*राजसात होंगे जेसीबी एंव ट्रेक्टर*
पत्थलगांव वनपरिक्षेत्राधिकारी कृपासिंधु पैंकरा ने बताया कि मौके पर पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त तौर पर कए गए कार्रवाई मे पुलिस द्वारा बनाए गए प्रकरण के आलावा वन विभाग भी आरोपी मनोज खुंटिया के खिलाफ नामजद कार्रवाई करते हुए मोके से बरामद जेसीबी एंव ट्रेक्टर पर राजसात की कार्रवाई करेगी,साथ ही असिस्टेंट रेंजर आशा लकड़ा एंव फारेस्ट गार्ड अनूप लकड़ा के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाही की अनुशंषा प्रतिवेदन बनाएगी।उन्होने बताया कि साल वृक्ष की लकडी इतने भारी मात्रा मे आरोपी द्वारा कहां से लाए गए इस मामले पर भी जांच जारी है।
लुड़ेग के जंगल से पेड़ कटाई मामले पर जसपुर के जांच अधिकारी बनाए गए करण सिंह एसडीओ जसपुर ने जंगल का दौरा करते हुए 15से बीस ठुढ जिन्हें तस्कर एवं वन विभाग के कर्मचारी द्वारा बड़ी चतुराई से जेसीबी से मिट्टी डालकर पाट दिया गया था का निरीक्षण किया गया एवं उन्होंने कहा कि इस मामले पर जो भी दोषी होंगे उस पर कार्यवाही की जावेगी जब पत्रकारों ने इतनी बड़ी मात्रा में सागौन के पेड़ कट गए किंतु विभाग को भनक तक नहीं लगी कि मामले के सवाल पर पर जांच अधिकारी करण सिंह चुप्पी साधे रहे।
*तस्करों पर हो सख्त कार्रवाई ,बढ़ रहा आक्रोश*
भाजपा लुडेग तमता मंडल के अध्यक्ष पुरेन्द्र यादव ने लकड़ी माफियाओं पर सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कहते हुए कहा कि वन विभाग से मिलीभगत कर वन माफिया लगातार प्रतिबंधित पेड़ों की कटान कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की लगातार हरियाली कम होती जा रही है और पर्यावरण को भी काफी नुकसान हो रहा है। जिम्मेदार वनकर्मी एंव तस्कर पर कडी कार्रवाई किया जाए ताकि भविष्य मे प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों को काटने से पहले अपराधियों के हाथ कांपे।