संसदीय सचिव यू. डी. मिंज ने गिनाबाहर में किया महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) का शुभारंभ*? स्थानीय स्तर पर लघु एवं कुटीर उद्योग को मिलेगा बढ़ावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर एवं आय में होगी वृद्धि :- यू. डी. मिंज

मुकेश अग्रवालपत्थलगांवमहात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) का शुभारंभ संसदीय सचिव यू. डी. मिंज आज गिनाबाहर में महात्मा गाँधी की प्रतिमा में पुष्प अर्पित कर कियाइस अवसर पर संसदीय सचिव यू. डी. मिंज ने कहा कि छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन आया है तथा शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर व्यापक पैमाने पर जमीन आरक्षित कर गौठान विकसित किया जा रहा है। रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी।जब यहां यूनिट प्रारंभ होगी तो लघु उद्यम को बढ़ावा मिलेगा और लोग गांव में भी इसका विक्रय कर सकेंगे। उन्होंने ग्रामवासियों को इस योजना से अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि रीपा के अंतर्गत मत्स्यपालन, मसाला उद्योग एवं अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। यहां के मसाले सी-मार्ट में जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं को भविष्य में बहुत फायदा होगा। यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नरवा, घुरवा, गरवा, बाड़ी योजना के माध्यम से समूह की महिलाओं को आगे बढ़ाया है। शासन द्वारा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के लिए मदद दी जा रही है। समूह की महिलाओं को इसके लिए मेहनत करनी होगी। स्थानीय स्तर पर लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तथा सभी के साथ मिलकर कार्य करने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर साथ ही आय में वृद्धि होगी।उन्होंने महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) गिनाबाहर का निर्माण में मशीन इंस्टॉलेशन और अन्य शेष कार्यों, बिजली, पानी, सड़क, शौचालय, ड्रेनेज, वर्किग शेड, पहुंचमार्ग सहित प्रवेश द्वार की जानकारी ली। रीपा अंतर्गत बनाए गए सभी शेड को गोबर पेंट से पुताई करने व शेड नंबरिंग नाम लिखा होने के निर्देश दिए।इसमें समूह की महिलाओं की रहेगी अहम भूमिकासंसदीय सचिव यू. डी. मिंज ने स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्य समेत प्रशिक्षण की जानकारी ली। प्रदेश में गौठान को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में प्रत्येक ब्लॉक में 2 रीपा स्थापित किए जा रहे है। उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए आजीविका के माध्यम से अतिरिक्त आय के साधन बनाना है। योजना के तहत ग्राम के महिला स्व-सहायता समूहों को शेड उपलब्ध कराना, रोजगार प्रारंभ करने आवश्यक उपकरण तथा भूमि व अन्य सहयोग उपलब्ध कराया गया है।
इस अवसर पर ग्रामीण जन, गणमान्य नागरिक जनपद पंचायत के अधिकारी, कांग्रेस के पदाधिकारी एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहे.

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