जशपुर जिले के पत्थलगांव ब्लॉक में शासकीय राशि की फर्जीवाड़ा करने का मामला संकुल प्राचार्य के स्थानांतरण के बावजूद संकुल के खाते से रकम की निकासी

मुकेश अग्रवाल

जशपुर
संकुल प्राचार्य के स्थानांतरण के बावजूद संकुल के खाते से रकम की निकासी का मामला सामने आया है। मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के तिलडेगा संकुल का है। स्थानीय लोगों ने कलेक्टर,डीईओ और डीएमसी से शिकायत करते हुए संकुल समन्वयक की भूमिका को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं मामला सामने आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का मामला कोई नई बात नहीं है। आए दिन विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता को लेकर कोई न कोई बखेड़ा खड़ा हो जाता है। एक बार फिर शिक्षा विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार जशपुर जिले के पत्थलगांव के निवासी संजय विश्वाल ने कलेक्टर,डीईओ और डीएमसी से शिकायत की है जिसमें उन्होंने संकुल समन्वयक पर संकुल के खाते में आने वाली कन्टिंजेंसी राशि में हजारों रू की गड़बड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत में उनका कहना है कि पत्थलगांव विकास खण्ड अंतर्गत संकुल स्त्रोत केन्द्र-तिलडेगा को शासन से प्राप्त कन्टीजेन्सी राशि समन्वयक मानदेय राशि को संकुल प्राचार्य, जिनका स्थानांतरण हो चुका है, उनके फर्जी हस्ताक्षर से संकुल समन्वयक श्री लक्ष्मण कुमार मिरे द्वारा फर्जी तरीके से 50000ध्- (पचास हजार रुपये) की शासकीय राशि का पी.पी.ई. जनरेट कर ट्रांसफर करते हुये गबन किये जाने का संदेह है, साथ ही समन्वयक मानदेय राशि सत्र भर का एक मुश्त बिना कार्य किये निकाल लिया गया है। शिकायतकर्ता की मानें तो संकुल खाते का संचालन संकुल प्राचार्य और शैक्षिक समन्वयक के संयुक्त हस्ताक्षर से ही किया जा सकता है। ऐसे में जब संकुल प्राचार्य श्रीमती एस मिंज का सितंबर में ही स्थानांतरण हो चुका है तो दिसंबर में राशि किस प्रकार निकाली गई जबकि अभी तक संकुल प्राचार्य के पद पर किसी को प्रभार भी नहीं सौंपा गया है। इस प्रकार यह पूरा मामला सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। उनका कहना है कि इनके द्वारा बीते वर्ष भी संकुल के प्रधानपाठकों को दबाव पूर्वक एक विशेष फर्म को राशि भुगतान हेतु दबाव बनाया गया था, किन्तु कार्यवाही न होने से इनके हौसले बुलंद हो चुके हैं। शिकायतकर्ता ने शासकीय राशि की फर्जीवाड़ा का जांच करते हुये कार्यवाही करने की मांग की है।
मंत्री के निर्देशों की अवहेलना

इस मामले में अधिकारियों पर जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल के निर्देशों की भी अवहेलना करने के भी आरोप लग रहे हैं। बताया जाता है कि करीब दो माह पूर्व प्रभारी मंत्री श्री उमेश पटेल ने जिला शिक्षाधिकारी को पत्र लिखकर उक्त समन्वयक को पद से हटाने के निर्देश दिए थे। परंतु आज पर्यंत इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। ज्ञात हो कि श्री उमेश पटेल जिले के प्रभारी मंत्री होने के साथ ही छग शासन के उच्च शिक्षा,कौशल विकास,तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के भी मंत्री हैं। ऐसे में उनके निर्देशों को ताक पर रखकर एक समन्वयक को तरजीह दिए जाने से विभाग में सुनियोजित भ्रष्टाचार होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।

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