मामला बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ आर. एम. ए कोमल पटेल द्वारा प्रताड़ित करने का? विभाग से प्रताड़ित महिला न्याय हेतु पहुंची कलेक्टर जनदर्शन में*? कलेक्टर ने दिया उचित न्याय व दोषियों पर कार्यवाही का भरोसा* *

मुकेश अग्रवालपत्थलगांव/:- लंबे समय से बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आर एम ए कोमल पटेल द्वारा उन्हीं के विभाग के एक महिला जो सफाई कर्मी का काम करती है उसके साथ प्रताड़ना व रिश्वतखोरी का मामला को लेकर पीड़िता शकुंतला यादव 9 जनवरी को शिकायत आवेदन के साथ कलेक्टर के समक्ष पहुंची और पुरे घटना की आपबीती सुनाई।जिस पर जिले के कलेक्टर डॉ रवि मित्तल ने पीड़ित प्रार्थी की बात को गंभीरता पूर्वक सुनकर तथा आवेदन को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही साथ ही दोषी आर एम ए के ऊपर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आपको बता दें कि विगत 5-6 माह से शकुंतला यादव पति स्वर्गीय जलधर यादव बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आर एम ए कोमल पटेल के द्वारा प्रताड़ित थी, जिसे लेकर वह न्याय के लिए दर-दर भटक रहे थी और अंत में जिला कलेक्टर के पास पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार शकुंतला यादव के पति स्वर्गीय जलधर यादव बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवनदीप समिति के तहत सफाई कर्मी का काम करता था और उसकी ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया जिसके बाद उसकी पत्नी शकुंतला यादव उसके पति की जगह काम कर रही थी पांच छह महीना काम करने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ आर एम ए कोमल पटेल द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को लालच के कारण पीड़ित महिला को रात्रिकालीन सेवा हेतु दबाव बनाया तथा उसे हटाते हुए अन्य व्यक्ति को काम पर रखा गया था तथा 5 माह का मानदेय हेतु ₹10000 रिश्वत लिया गया जिसे लेकर वह काफी प्रताड़ित थी और काम में यथावत रखने कोमल पटेल के समक्ष न्याय की गुहार लगाई थी परंतु उसे वहां से भगा दिया जाता था। ऐसी स्थिति से महिला थक हारकर कलेक्टर के समक्ष पहुंची और न्याय हेतु अपील की।

इतना ही नहीं पीड़ित महिला ने आर एम ए कोमल पटेल के ऊपर अन्य व्यक्ति जिनको काम में लगाया गया है उससे ₹40000 बतौर रिश्वत लेने तथा ड्यूटी के दौरान शासकीय आवास में निजी इलाज कर मरीजों से पैसा लूटने व महिला द्वारा निज आवास में काम करने हेतु दबाव बनाने की बात कही जा रही है ।बहरहाल महिला न्याय हेतु कलेक्टर के समक्ष पहुंच चुकी है तथा न्याय की आस में बैठी है।

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