*बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उजागर हो रहा भ्रष्टाचार का मामला* *न्याय के लिए अस्पताल का चक्कर लगा रही है महिला* *आर. एम. ए कोमल पटेल के ऊपर लगा रिश्वत व प्रताड़ना का आरोप*



मुकेश अग्रवाल
बागबहार :- लंबे समय से अपनी अव्यवस्था और भ्रष्टाचार मामले में हमेशा सुर्खियों में रहने वाला बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में आने लगा है। यहां भ्रष्टाचार सिर्फ शासकीय मद को लेकर ही नहीं बल्कि आर. एम. ए कोमल पटेल के द्वारा एक महिला के ऊपर प्रताड़ना व रिश्वत को लेकर है। आपको बता दें कि पूर्व में यहां बघियालोंगरी निवासी स्व जलधर यादव नाम का एक व्यक्ति लंबे समय से बागबहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवनदीप समिति के तहत अपना सेवा दिया तथा कोरोना काल वर्ष 2020 में भी उसके द्वारा यहां सेवा प्रदाय किया गया तदुपरांत नवंबर 2021 में उसका आकस्मिक निधन हो गया जिसके बाद उसकी पत्नी शकुंतला यादव और 2 वर्ष की बच्ची बेघर हो गए। तब उन्हें सहानुभूति पूर्वक कार्य हेतु बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कर्मी नियुक्त किया गया ,शकुंतला यादव दिसंबर 2021 से मई 2021 तक निरंतर कार्य की तदुपरांत कोमल पटेल द्वारा किसी अन्य व्यक्ति से नियुक्ति दिलाने की बात कही गई और यहां कार्यरत महिला को ड्यूटी के नाम पर परेशान किया जाने लगा तथा एक सफाईकर्मी महिला को बिना कुछ सुविधा दिए रात्रिकालीन सेवा हेतु दबाव बनाया गया जहां महिला ने रात्रिकालीन सेवा हेतु अपने आप को असक्षम बताया। जिसका फायदा उठाते हुए आर. एम. ए.कोमल पटेल द्वारा मयूर नाचा के एक युवक को जीवन दीप समिति में सफाई कर्मी के नाम पर नियुक्ति की गई ।उसके बाद 2 हफ्ते बाद महिला आई और आर.एम. ए कोमल पटेल के पास गई और बोली पारिवारिक हालात ठीक नहीं होने के कारण मैं रात्रिकालीन सेवा के लिए भी तैयार हूं तब कोमल पटेल ने उसके जगह किसी और को नियुक्ति देने की बात कह कर वहां से भगा दिया। अब बचा उसका 5 माह सेवा देने का मानदेय जब महिला द्वारा 5 माह का मानदेय मांगा गया तब कोमल पटेल द्वारा रिश्वत के नाम पर उसके घर जाकर दस हजार रु का मांग किया तब जाकर मानदेय बनाने की बात कही ,महिला ने अपने परिजनों से मांगकर 7500 रु बतौर रिश्वत दी और अपना मानदेय प्राप्त की।उसके बाद महिला कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आई और कोमल पटेल से काम में रखने की अपील की परन्तु आर एम ए पटेल द्वारा महिला को भगाया जाता रहा, अब महिला दर-दर भटक रही है तथा इस मामले पर जिला कलेक्टर के समक्ष भी न्याय के लिए अपना कदम आगे बढ़ा रही है ।परंतु इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह है कि एक आदमी को भ्रष्टाचार करना, फर्जी नियुक्ति करना ,स्वास्थ्य के नाम पर अवैध वसूली करना यह सब साहस किसने दिया। आपको बता दें कि आर एम ए कोमल पटेल द्वारा लंबे समय से क्षेत्र में लूट खसोट का काम किया जाता रहा है स्वास्थ्य केंद्र में इनकी ड्यूटी शून्य के बराबर थी परंतु अपने शासकीय आवास में बकायदा क्लीनिक बनाकर मरीजों को प्रति पर्ची ₹200 के हिसाब से फिस लिया जाता रहा ऐसे कई मामले हैं जो बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आर. एम. ए के कार्यकाल में फंसे हुए हैं जो एक-एक कर अब सामने आते नजर आ रहे हैं। बहरहाल आर एम ए के ऊपर प्रताड़ना व रिश्वतखोरी का आरोप एक महिला द्वारा लग चुका है जो जांच का विषय है।
*क्या कहते हैं नवपदस्थ चिकित्सक :–*
इधर इस मामले पर बागबहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नव पदस्थ चिकित्सक डॉक्टर शशिकांत भगत ने पत्रकारों को चर्चा के दौरान बताया कि मेरे पद स्थापना उपरांत यहां आए दिन कोई ना कोई शिकायत आर. एम. ए के खिलाफ आ रही है शकुंतला यादव भी आर. एम ए के शिकायत को लेकर आई है विभाग के उच्च अधिकारी को इस मामले पर अवगत कराऊंगा ।
*मामले की जांच कराता हूं– कलेक्टर*
इधर इस मामले पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान जिले के संवेदनशील कलेक्टर डॉ रवि मित्तल ने शिकायत के आधार पर जांच कराने की बात कही तथा जांच उपरांत दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही।