ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव में आज एन.सी.सी. की स्थापना के 74 वें वर्षगांठ पर कार्यक्रम आयोजन किया

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव में आज एन.सी.सी. की स्थापना के 74 वें वर्षगांठ पर कार्यक्रम आयोजन किया।विदित हो कि प्रति वर्ष नवंबर माह के आखिरी रविवार को एन.सी.सी. दिवस मनाया जाता है।इसी क्रम में आज महाविद्यालय परिसर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया ।शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव एवं महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रातः 8:00 बजे एन.सी.सी. के झंडारोहण एवं परेड के साथ कार्यक्रम का शुरुआत किया गया।इस अवसर पर महाविद्यालय प्रांगण में मंचीय कार्यक्रम आयोजित कर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई |मंचीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त फौजी अमरदास कुलदीप एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव के पूर्व एनसीसी अधिकारी बी. एस. पैंकरा वर्तमान थर्ड ऑफिसर डीडी किस्पोट्टा महाविद्यालय के पूर्व एन.सी.सी. अधिकारी डाॅ . एस. के. टोप्पो, एवं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाँ. बी.के. राय उपस्थित रहे ।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के संरक्षक एवं प्राचार्य प्रो. डी. के. अंब्रेला ने की। अमर दास कुलदीप ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से सेना में स्वयं की सेवा काल की विभिन्न अनुभव को साझा करते हुए एनसीसी कैडेट्स को देश सेवा, समर्पण, त्याग, अनुशासन का भाव को आत्मसात करके विद्या अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया तथा देश की रक्षा के लिए सेना की भूमिका को स्पष्ट करते हुए बतलाया की सेना कोई नौकरी नहीं बल्कि देश सेवा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का भाव है, साथ ही उन्होंने बताया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में एन.सी.सी. यूनिट के माध्यम से देश सेवा, समर्पण, त्याग, बलिदान , और अनुशासन का भाव पैदा होता है। इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे अच्छे संस्कारों को ग्रहण करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए ,और जब भी अवसर मिले तो उसमें अपनी सहभागिता निभाना चाहिए।महाविद्यालय के प्राचार्य अपनेअध्यक्षीय उद्बोधन में एन.सी.सी. के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि एन.सी.सी. को एक संस्कार के रूप में माना जाना चाहिए इसके माध्यम से ही युवाओं में त्याग तपस्या अनुशासन सहयोग जैसे विभिन्न मानवीय गुणों को सीखने का अवसर प्राप्त होता है, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |उद्बोधन के क्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ . एस. . के. टोप्पो ने महाविद्यालय में एन.सी.सी. अधिकारी के रूप में व्यतीत किये हुए पल को याद करते हुए बतलाया और एनसीसी कैडेट्सों को एनसीसी के ध्येय वाक्य त्याग, समर्पण ,और अनुशासन, को आत्मसात करते हुए आदर्श नागरिक निर्माण करने के लिए प्रेरित किया। सेवा निवृत्त फौजी श्री अमरदास कुलदीप को उनके देश सेवा के लिए सेना में दिये गये योगदान के सम्मान में संस्था के प्राचार्य महोदय द्वारा उन्हें साल और स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई।महाविद्यालय के भूतपूर्व एन.सी.सी. कैडेट्स अशोक अजगल्ले जिनका हाल ही में सेना में पोस्टिंग हुआ है उन्हें एवं बी.एस.सी. अन्तिम के छात्र सिनियर अण्डर ऑफिसर ओंकार साय को उनके महान उपलब्धि हासिल करने के लिए संस्था के प्राचार्य द्वारा मेडल देकर सम्मानित करके निरन्तर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. टी. आर. पाटले विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में एनसीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रो. अनुपमा प्रधान , प्रो. एस. के. मारकंडे, प्रो. जे. के. भगत, प्रो. विक्रांत मोदी , अतिथि विद्वान शैलेंद्र कुमार साहू, संजय बघेल , कु.अनुरिमा लकडा कु. गीतांजलि प्रधान, कु.पूनम चौहान , नीलम मण्डावी, छबिल चंद्रवंशी एवं सभी अतिथि प्राध्यापक उपस्थित रहे |

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