शाम होते ही बस स्टैन्ड बन जाता है नशेडियों का अडडा महिला एवं सभ्रांत घर के लोग बस स्टैन्ड आने से डरने लगे



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव-ःनशे की वस्तुओ का कारोबार खुलेआम होने के कारण युवाओ का एक बडा वर्ग नशे के आगोश मे समाकर अपराधो को करने से जरा भी नही हिचक रहे। यहा का बस स्टैन्ड इन दिनो नशेडियों का प्रमुख अडडा बना हुआ है। शाम ढलते ही यहा तीस से चालीस नशेडी युवक मजमा लगाकर उधम मचाते आसानी से देखे जा सकते है। बस स्टैन्ड के अंदर संचालित छोटे गुमटी ठेलो मे नशे के सामान आसानी से मिलने के कारण रात के 8 बजते ही यहा का बस स्टैन्ड मे नशेडी युवको का जमावाडा लगना शुरू हो जाता है,ऐसे मे बस स्टैन्ड के अंदर किसी कार्यवश आने से अब सभ्रांत घर के लोगो के अलावा महिलायें भी डरने लगी है। पिछले दिनो बस स्टैन्ड के अंदर लगने वाले ठेलेे गुमटी के अलावा होटल ढाबे पान दुकानो को दस बजे के बाद खुला रखने की अनुमति नही थी,परंतु थाना मे पुलिस का फेरबदल होते ही यहा की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। देर रात तक बस स्टैन्ड मे खुलने वाली दुकाने एवं ठेलेे गुमटियों के कारण आवारा युवको का जमावाडा आसानी से देखा जा सकता है। रात का अंधेरा पसरते ही बस स्टैन्ड अपराध का गढ बनने लगा है। यहा रहने वाले युवक तरह-तरह के नशे के आगोश मे रहते हुये सभ्रांत लोगो से लडाई झगडा करने पर उतारू रहते है। पिछले एक सप्ताह की बात करें तो बस स्टैन्ड के भितर हर दिन नशेडी युवको द्वारा लडाई झगडे की घटना करना आम बात हो गयी है। बस स्टैन्ड के भितर गांजा,शराब एवं अन्य नशे के सामान आसानी से मिलने के कारण नशे के आदि युवको को यहा का बस स्टैन्ड खुद के लिए सबसे सुरक्षित महसूस होने लगा है,परंतु सभ्रांत लोगो के लिए यह एक बडी विडंबना बनते जा रही है। बस स्टैन्ड के अंदर फैली अराजकता को देखने एवं जानने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने रात के दौरान यहा की व्यवस्था सुधारने की ओर किसी प्रकार की पहल नही की है।।
अंग्रेजी दवाओ का नशा बढाने आते बस स्टैन्ड-शराब,गांजा आसानी से मिलने के साथ-साथ शहर मे अब नशे की अंग्रेजी दवाईयां भी धडल्ले से उपलब्ध हो जा रही है। नशे की दवाईयों मे कोडिन,स्पाजमो,नाईट्रोटेन एवं कोरेक्स सिरप प्रमुख है,नशेडियों को ये अंग्रेजी दवायें आसानी से उपलब्ध हो जाने के कारण अधिकंाश युवाओ का वर्ग इन दवाओ का सेवन कर खुद को नशे के आगोश मे ढकेल रहे है। बताया जाता है कि अंग्रेजी दवाओ के नशे को और अधिक बढाने के लिए नशेडी यहा के बस स्टैन्ड मे आकर चाय ठेलो मे चाय की कस के साथ धुम्रपान करते है,ऐसा करने से अंग्रेजी दवाओ से करने वाला नशा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है,जिसके बाद नशेडियों को सुख की अनुभूति होती है,परंतु वे इस नशे की आड मे अपराधो को अंजाम देने लगे है।।
रात भर खुले रहते चाय के ठेले-ःअंग्रेजी दवाओ से नशा करने वाले लोगो को चाय एवं सिगरेट उपलब्ध कराने के लिए बस स्टैन्ड के अंदर लगने वाले अधिकांश ठेले रात भर खुले रहने लगे है। यही कारण है कि अंग्रेजी दवाओ से नशा करने वाले लोग रात भर चाय के ठेलो मे चाय के साथ धुम्रपान कर नशे को और बढाते है,ऐसा करने से जहा एक ओर नशेडी कानून व्यवस्था बिगाडने मे लगे है तो वही रात भर चाय ठेेले खोलकर नशेडियों को धुम्रपान की वस्तुयें उपलब्ध कराने वाले ठेले गुमटी संचालक भी कानून का मजाक उडा रहे है।।
–बस स्टैन्ड मे चल रहे नशे के कारोबार पर लगाम लगायी जायेगी,नशा करने के बाद यदि यहा झुंड मे युवक दिखायी देते है तो उन पर कठोर कार्यवाही की जायेगी।
हरिश पाटिल-अनुविभागीय अधिकारी पुलिस-पत्थलगांव