*निर्दोष दूध वाले के हत्यारे को अंतिम सांस तक की सजा*

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव–/ वर्ष 2018 में थाना पत्थलगांव अंतर्गत ग्राम पंगसुवा तथा झक्कड़पुर के बीच सड़क किनारे झाड़ियों के पास एक दूध वाले कि हत्या कर मोबाईल व नगदी रकम की लूट करने वाले हत्या के आरोपी को प्रथम अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अजीत कुमार राजभानु ने हत्या के प्रत्यक्ष साक्ष्य नही होने के बावजूद मृतक का मोबाईल घटना के बाद आरोपी अजय पावले उर्फ ढोला के भाई के पास से जप्त होने को आरोपी के भाई द्वारा यह बताया जाना कि उक्त मोबाईल आरोपी द्वारा ही बेचा गया था, जिसे पुलिस पूछ ताछ में आरोपी द्वारा स्वीकार किया जाना कि मृतक का मोबाईल को वह अपने भाई को दिया था।
न्यायालय द्वारा परिस्थिति जन साक्ष्य के आधार पर आरोपी अजय पावले उर्फ वनखण्डी उर्फ ढोला को हत्या एवं लूट का दोषी पाये जाने पर दोषी करार देते हुवे अंतिम सांस तक यानी प्राकृतिक जीवन काल तक जेल में ही रहने की सजा सुनाई गई है। वही न्यायालय के न्यायाधीश श्री अजीत कुमार राजभानु ने मृतक के परिवार को शासन की तरफ से उनके पुनर्वास हेतु उचित प्रतिकर प्रदाय किये जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया गया है।
विदित हो कि आरोपी अजय पावले उर्फ ढोला के ऊपर वर्ष 2019 में तपकरा थाना अंतर्गत सड़क से उठाकर जंगल मे एक युवक की हत्या एवं एक युवती के साथ बलात्कार करने के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी है जिसकी सजा वह भुगत रहा है।
आरोपी अजय पावले द्वारा कारित घटना के विवरण के अनुसार दिनांक 23, 10, 2018 को सुबह 4- 5 बजे के करीब पत्थलगांव थाना अंतर्गत पनगसुवा और झक्कड़पुर के बीच अजय पावले उर्फ ढोला ने अपने साथी राजु उर्फ कालू के साथ सामान्य आशय के अग्रसरण में दूध विक्रेता राम विलास यादव जो मोटरसाइकिल से जा रहा था को रोककर रामविलास यादव के जेब मे रखे 600 रुपये तथा एक मोबाईल सेट को लूटकर दूध विक्रेता के सर पर मोटा डंडा से वार कर हत्या कर भाग गया था।मामले में सुकनन्द चौहान की सूचना पर पत्थलगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 94/ 2018 में धारा 341/ 34, 391/34, 302/34, 201/34, के तहत अपराध दर्ज कर मौके से मृतक का मोटरसाइकिल cg 13- 5430 एवं दूध का दो खाली डिब्बे तथा वहा पर आरोपी द्वारा फेका गया आईडीया कम्पनी का सिम जप्त कर मृतक की पंचनामा कार्यवाही एवं पी एम कराने के बाद अज्ञात आरोपी की पता तलाश शुरू कर आरोपी एवं सहयोगी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में चालान पेश किया गया था।माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाकर मामले की गम्भीरता एवं आरोपी की आपराधिक पृष्ट भूमि तथा पाशविक मनोवृत्ति पर विचार करते हुवे आरोपी को धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में प्राकृतिक जीवन के अंतिम क्षण तक कठोर कारावास एवं 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। यानी अब हत्या का आरोपी अपनी मृत्यु होने तक जेल की ही सजा काटेगा, आरोपी का शव ही जेल से बाहर निकलेगा ऐसी सजा आरोपी को मिली है।

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