एनएच विभाग की कुंभकरणी नींद से जगाने ग्रामीणों ने खुद ही संभाला मोर्चा✴️ लगातार जाम से हो रही परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने, फावड़ा, गैंती लेकर आवागमन सुचारू बनाने दिया श्रमदान



पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
पूरे छत्तीसगढ़ में जसपुर जिले के एनएच की सड़कों की हालत सबसे दयनीय नजर आती है पत्थलगांव के नागरिकों को रायगढ़, अंबिकापुर, जसपुर जाने के लिए अच्छे सड़क मार्ग को ढूंढने के लिए इनाम घोषित कर रखा है जहां इन सड़क मार्गों पर चार पहिया तो क्या दुपहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो चुका है।पत्थलगांव के समीप एनएच 43 बीटीआई चौक से लेकर भाटा मुड़ा तक तालाब नुमा गड्ढे में तब्दील हो चुकी है जहां से होकर कर गाड़ियां अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भगवान भरोसे चल रही हैं ट्रक चालकों को इन तालाब नुमा गड्ढों को पार करने में आर्थिक के साथ समय की बर्बादी भी झेलनी पड़ रही है

जहां इन सड़क पर गाड़ियां फसकर जाम की स्थिति लगातार निर्मित हो रही है बार-बार जाम होने के बावजूद एनएच विभाग के बैठे अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि आंखों में पट्टी बांधकर चैन की बंसी बजा रहे हैं।पत्थलगांव के नेशनल हाइवे-43 की हालत अब बद बद्तर हो गई है । रोजना जर्जर सड़क से तंग आ चुके ग्रामीणों ने हाथ में फावड़ा, गैती लेकर सड़क पर उतकर आवागमन सुचारू बनाने के लिए बीड़ा उठाया है । जाम में फंसे ट्रको को निकालने के लिए खूद से मशक्कत कर ट्रको को निकलवाया ।

आपको बता दें कि बीते एक सप्ताह से भाटामुड़ा से करूमहुआ तक सड़क में रुक रुककर लग रही जाम से स्थानीय लोग बेहद परेशान है । जाम के कारण कई किलोमीटर तक बड़ी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती है । लोगों का कहना है कि सड़क जाम होने से घर से निकलना भी दूभर हो जाता है । जहां आज दर्जनों ग्रामीणो ने सड़क पर उतरकर उबड खाबड़ व कीचड़मय सड़क को सुचारू बनाने के लिए श्रमदान दिया । साथ ही nh विभाग के अधिकारियों पर सड़क पर किसी प्रकार का ध्यान नही देने का आरोप भी लगाया ।