सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने सड़कों की स्थिति को लेकर जमकर जताई अफसरों पर नाराजगी कड़े शब्दों में अफसरों को सड़कों की स्थिति तत्काल सुधारने के लिए दिए निर्देश

मुकेश अग्रवाल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायगढ़ जिले में विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने लैलूंगा में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने जिले की खराब सड़कों को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। अफसरों ने बारिश बाद काम शुरू करने की जानकारी दी। लेकिन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की एक नहीं सुनते हुए सड़कों को चलने लायक बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा की सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अनेक सुविधाएं दे रही है। हर मांग को पूरा कर रही है। सप्ताह में केवल 5 दिनों के लिए ही कार्यालय दिवस कर दिया गया है। पुराने पेंशन लागू कर बुढ़ापे का सहारा दिया जा रहा है। जब मुख्यमंत्री आए तभी काम करना है यह धारणा हटानी होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिले में सड़को की हालत जर्जर होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को सड़क के मरम्मत के निर्देश दिए। इसपर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने उन्हें बताया कि स्वीकृत सभी सड़को में बारिश के बाद कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके बाद आम लोगों की अन्य समस्याओं पर विस्तार से बात की गई। अफसरों को कई जरूरी निर्देश दिए गए। आम नागरिकों की समस्या का तुरंत निदान करेंमुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों, जनता का काम समय पर होना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित सुनिश्चित करने और बेहतर ढंग से काम करते हुए शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन कर जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। लैलूंगा में आमनागरिको और जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायत के आधार पर क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार और सीएमओ से सवाल किया कि आप लोग आम नागरिको और जनप्रतिनिधियों के कार्यों को समय करें। नहीं तो अफसरों पर करवाई करने की बात मुख्यमंत्री ने कही। तय समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे अधिकारीमुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा की आप लोगों की शिकायत है कि समय पर कार्यालय भी नहीं पहुँचते। जबकि सरकार ने अफसर कर्मचारियों को राहत देने के लिए ही कार्यदिवस घटाकर पांच दिन कर दिए हैं। बावजूद दफ्तरों में वही पुराने ढर्रे में काम जारी है। मुख्यमंत्री के सवाल का जवाब देते हुए एसडीएम सहित अधिकारियों ने अपने कार्यों में सुधार लाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। कार्यशैली में सभी सुधार लाए, नहीं तो कार्यवाही की जाएगी।
,✍️जशपुर एक्सप्रेस संपादक की कलम से

छत्तीसगढ में सड़कें बेहद ही दयनीय स्थिति में है। किंतु छत्तीसगढ़ के एकमात्र सड़क मार्ग पर आश्रित जसपुर जिला सरगुजा जिला की सड़कें बेहद ही जर्जर एवं गड्ढे नुमा तालाब में तब्दील हैं जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए शर्मिंदगी एवं मिसाल बनी हुई हैं वही दबी जुबान से अधिकारी भी कहने लगे हैं कि जसपुर जिले एवं रायगढ़ जिले की सड़कें पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे घटिया स्तर की है जहां से होकर नागरिकों को मौत का ही मंजर देखना पड़ता है।ऐसा पहली बार हुआ है जब सड़क को लिए सबसे ज्यादा आंदोलन प्रदेश के हर गांव में हो रहे हैं। 15 सालों तक सरकार में रही बीजेपी के सत्ता खोने के पीछे ये एक बड़ी वजह रही। वही अब नागरिक भी मन में यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर जनप्रतिनिधियों को क्या ईन सड़क के गड्ढों पर चलने के लिए ही अपना बहुमूल्य वोट देते हैं ।अब नागरिक मन में यह बात तय कर चुके हैं कि आने वाले दिनों में इन जनप्रतिनिधि से जर्जर सड़क पर सवाल पूछे जाएंगे जिसका जवाब जनप्रतिनिधियों के पास दूर दूर तक नहीं होगा।

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