पत्थलगांव नगरपंचायत की ब्यवसायिक दुकान नीलामी प्रकिया के भारी विवादों के बाद भी आखिरकार परिषद की बैठक में दुकानदार को चाबी देने की दी सहमति पार्षदों ने जताया एतराज है



मुकंश अग्रवाल पत्थलगांव
आप सभी को तो मालूम ही है। कि 23 जून को पत्थलगांव नगरपंचायत ने ब्यवसायिक दुकान की नियम विरुद्ध नीलामी प्रकिया करते हुए काफी कम रुपयों में दुकान की बोली करवा दी जिससे करोड़ो रूपये की राजस्व की नगर पंचायत को नुक्सान हो रहा था आपको बता दे कि यही पे पूर्व में दुकान की बोली पहले 50 लाख रुपये की बोली कर दुकान दी गई थी पर 23 जून को मात्र आठ लाख रुपये की बोली में दुकान देकर इस पूरी ब्यवसायिक दुकान निलामी प्रकिया को नगरपंचायत के फायदे की बात को दरकिनार करते हुए नगरपंचायत की परिषद बैठक में दुकानदार को चाबी देने की सहमति दे दी गई जबकि इससे पहले भारी विवाद होते देखते हुए नगरपंचायत के पीआईसी की बैठक में इस पूरी प्रकिया को निरस्त कर दिया गया था वही महीने भर के बाद ही परिषद की बैठक में इसे पास कर लोगो के बीच में नगरपंचायत के जन प्रतिनिधियों ने अलग राय रख कर इसके अनुमोदन के लिए जिला कलेक्टर रितेश अग्रवाल के पास नोटशीट भेजी गई पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने पत्थलगांव ब्यवसायिक दुकान का अनुमोदन नही किया फिर भी नगरपंचायत ने खुद को ही सर्वे सर्वा बताते हुए इस ब्यवसायिक दुकान निलामी प्रकिया के रोजाना होते विवादों के बावजूद दुकानदार को चाबी देने की स्वीकृति दे दी शुक्रवार को हुईं परिषद की बैठक में जब इस पुरी प्रकिया का वार्ड 11 के पार्षद सुनिल अग्रवाल ने विरोध किया उन्होने बैठक में कहा कि जब कलेक्टर सर का अनुमोदन अभी नही हुवा है तो ऎसी क्या हड़बड़ी है कि कलेक्टर के आदेश का इंतजार तक नही किया जा रहा है। पर इन बा।तों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए नगर हित से अलग होकर नगरपंचायत को होने वाले लाखों के राजस्व नुक्सान पे अपनी सहमति पार्षदों ने दे दी जिसे शोषल मीडिया तक मे ये कहते देखा गया कि आखिर एसा क्या खिचड़ी पकी हुई है। कि नगरपंचायत को लाखों के राजस्व नुक्सान होने के बाद भी दुकान को काफी कम रुपयों में पहले बोली करवा कर फिर पीआईसी की बैठक में निरस्त कर परिषद की बैठक में पास कर फिर से परिषद की बैठक रख कर दुकानदार को चाभी देने की स्वीकृति दे दी गई।
वहीं वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद सुंदर लफड़ा ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा कि नगर पंचायत में केवल भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है जहां नगर पंचायत के पास समय पर वेतन देने के लिए रुपया नहीं है वही दुकानों को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान करते हुए दे दी जा रही हैं जबकि बगल दुकान की कीमत से काफी कम कीमत पर दुकान दे दी गई जिसका हमारे द्वारा विरोध भी किया जाता रहा है किंतु हमारी बातों को अनदेखा कर दिया जाता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लाखों के दुकान कौड़ियों के मोल नीलाम के मामले पर कलेक्टर महोदय जसपुर को और भी पार्षदों ने शिकायत की है।