40 साल से अटूट आस्था की परंपरा, बाजारपारा दुर्गा पंडाल में भक्ति का महासंगम! घंटियों की भव्य सजावट, जसगीतों की गूंज और सांस्कृतिक आयोजनों ने बांधा समां; अंताक्षरी में शिशिर-अदिति की जोड़ी ने मारी बाजी

 

मुकेश अग्रवाल एवं

पत्थलगांव। शारदीय नवरात्रि में पत्थलगांव का कोना-कोना मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर है। कहीं जसगीतों की गूंज है, तो कहीं आकर्षक रोशनी से सजे भव्य पंडाल भक्तों को अपनी ओर खींच रहे हैं। इसी बीच बाजारपारा थाना के सामने स्थित बाजारपारा दुर्गा उत्सव समिति का पंडाल अपनी अद्भुत सजावट, चार दशक पुरानी परंपरा और रंगारंग आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां दिन में पूजा-अर्चना और भंडारे की धूम रहती है, तो रात होते ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रंग जमने लगता है।

घंटियों से सजा पंडाल, भव्यता ऐसी कि ठहर जाएं कदम!

बाजारपारा दुर्गा पंडाल की सजावट इस बार भी लोगों का ध्यान खींच रही है। कोलकाता के कलाकार प्रदीप बंगाली ने पंडाल को घंटियों और आकर्षक सजावटी कलाकृतियों से भव्य रूप दिया है। पंडाल में प्रवेश करते ही साज-सज्जा और रोशनी का मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनियों से पूरा परिसर जगमगा उठता है और ऐसा प्रतीत होता है मानो मां का दरबार रोशनी से नहा उठा हो।

चार दशक से नहीं टूटी आस्था की डोर

बाजारपारा दुर्गा उत्सव समिति की सबसे बड़ी पहचान इसकी 40 वर्षों से चली आ रही परंपरा है। समिति के सदस्यों के अनुसार, चार दशकों से लगातार मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी पत्थलगांव के प्रख्यात पंडित भक्ता महाराज संभाल रहे हैं, वहीं मूर्ति निर्माण का कार्य भी पिछले 40 वर्षों से मूर्तिकार मुन्ना बोज्जे द्वारा किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा समिति की धार्मिक आस्था और समर्पण को दर्शाती है।

भंडारे में उमड़ रही भीड़, मां के प्रसाद से भक्त हो रहे निहाल

पंडाल में प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। शाम की आरती के समय महिलाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बनती है। घंटियों की ध्वनि, आरती के स्वर और भक्तिमय वातावरण पूरे परिसर को आध्यात्मिक रंग में रंग देते हैं।

रात में भक्ति के साथ मनोरंजन का तड़का, बच्चों ने जमाया रंग

बाजारपारा दुर्गा उत्सव समिति ने धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी शानदार श्रृंखला तैयार की है। रात्रि में बच्चों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिभागी उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। अंताक्षरी प्रतियोगिता में दर्जनों प्रतिभागियों ने अपनी संगीत प्रतिभा और याददाश्त का प्रदर्शन किया। गीतों की धुन और जवाबी मुकाबले के बीच प्रतियोगिता में खूब उत्साह देखने को मिला।

प्रतियोगिता में शिशिर और अदिति की जोड़ी ने बाजी मारते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि मीनू और रितिक की जोड़ी उपविजेता रही। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिला और दर्शकों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया।

जगराता से बनभौरी पाठ तक, आयोजनों की लंबी श्रृंखला

समिति द्वारा अंताक्षरी के अलावा म्यूजिकल फौजी कार्यक्रम, माता का जगराता और बनभौरी पाठ सहित कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ मनोरंजन का भी अवसर मिल रहा है।

नवरात्रि के इन दिनों में बाजारपारा का दुर्गा पंडाल केवल पूजा-अर्चना का स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप, सांस्कृतिक प्रतिभाओं और सामूहिक आस्था का केंद्र भी बन गया है। चार दशक से चली आ रही परंपरा, आकर्षक साज-सज्जा, सेवा भावना और उत्साहपूर्ण आयोजनों ने इस पंडाल की रौनक को और बढ़ा दिया है। मां दुर्गा की आराधना के बीच यहां हर शाम भक्ति, उल्लास और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

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