अग्रसेन महोत्सव में आनंद मेले की धूम, पुराने कलाकारों के रंग में रंगा अग्रसेन भवन; कल निकलेगी भगवान अग्रसेन की भव्य शोभायात्रा व्यंजनों के स्टॉल से लेकर माइंड गेम तक दिखा उत्साह, महिला-पुरुषों ने पुराने कलाकारों की वेशभूषा में बांधा समां; नागपुर के ढोल-नगाड़े शोभायात्रा में बनेंगे खास आकर्षण

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। अग्रसेन जयंती महोत्सव अब अपने पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। अग्रवाल समाज में उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल है। महोत्सव के तहत आयोजित आनंद मेले में जहां लजीज व्यंजनों की खुशबू ने लोगों को आकर्षित किया, वहीं बच्चों के माइंड गेम और पुराने कलाकारों की अनूठी वेशभूषा ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। अग्रसेन भवन का प्रांगण देर रात तक हंसी-खुशी और रौनक से गुलजार रहा। अब उत्सव का अगला बड़ा आकर्षण भगवान अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा होगी, जिसे लेकर अग्रवाल नवयुवक समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

आनंद मेले में स्वाद का तड़का, गेम जोन में दिमागी कसरत
अग्रसेन भवन परिसर में सजे आनंद मेले में एक से बढ़कर एक व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। समाज के लोगों ने विभिन्न पकवानों का स्वाद चखते हुए मेले का जमकर आनंद उठाया। वहीं बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए तरह-तरह के गेम जोन और माइंड गेम तैयार किए। इन खेलों ने बच्चों के साथ बड़ों को भी अपनी ओर खींचा। कहीं स्वाद का जायका था, तो कहीं दिमागी खेलों में हुनर आजमाने की होड़—कुल मिलाकर आनंद मेले ने हर उम्र के लोगों को उत्सव से जोड़ दिया।

पुराने कलाकारों के अंदाज में सजे महिला-पुरुष, देखते रह गए लोग
आनंद मेले का सबसे दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला, जब महिला और पुरुष पुराने जमाने के कलाकारों की वेशभूषा में नजर आए। उनके पहनावे और अंदाज ने मानो पुराने दौर की यादें ताजा कर दीं। कलाकारों के रूप में सजे प्रतिभागियों की अनूठी प्रस्तुतियां लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। मेले में इन प्रतिभागियों ने अपने अलग-अलग अंदाज से खूब वाहवाही बटोरी। आयोजन के दौरान कलाकारों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
कल निकलेगी भगवान अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा
आनंद मेले की रौनक के बाद अब सभी की निगाहें भगवान अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा पर टिकी हैं। अग्रवाल नवयुग समिति ने शोभायात्रा को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। शोभायात्रा में नागपुर से आने वाले ढोल-नगाड़े विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और धार्मिक उत्साह के बीच समाजजन भगवान अग्रसेन जी के जयकारों के साथ महोत्सव की भव्यता को नया रंग देंगे।
समाज की एकता और परंपरा का दिखेगा संगम
आयोजन से जुड़े लोगों ने अग्रवाल समाज के सभी सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि भगवान अग्रसेन जी की शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और गौरवशाली परंपराओं को मजबूत करने का अवसर भी है। अब देखना होगा कि आनंद मेले की रौनक के बाद भगवान अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा पत्थलगांव में उत्सव के उल्लास को किस नई ऊंचाई तक पहुंचाती है।