सड़क किनारे झोपड़ी में चल रहा था ‘डीजल का खेल’! छाल पुलिस की दबिश में खुली पोल, 415 लीटर डीजल जब्त

 

मुकेश अग्रवाल

सस्ते में खरीदकर महंगे दाम पर बेचने का आरोप, बिना बिल और वैध दस्तावेजों के जमा कर रखा था ज्वलनशील डीजल; ₹41,500 का माल जब्त, आरोपी गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया

/रायगढ़। सड़क किनारे बनी छोटी-सी झोपड़ी के पीछे ड्रमों में डीजल का भंडार और फिर सस्ते में खरीदकर महंगे दाम पर बेचने का कथित कारोबार! रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र में चल रहे इस खेल का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। हाटी-ढोढ़ीखार मुख्य मार्ग के किनारे दबिश देकर पुलिस ने 415 लीटर डीजल जब्त किया है। जब्त डीजल की कीमत करीब 41,500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है।

झोपड़ी बनी थी डीजल के कथित कारोबार का ठिकाना

पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर को छाल थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हाटी-ढोढ़ीखार के पास मुख्य मार्ग किनारे एक झोपड़ी में अवैध रूप से डीजल जमा कर उसकी बिक्री की जा रही है। सूचना में ज्वलनशील पदार्थ के असुरक्षित भंडारण से आगजनी और दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी।

इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दबिश दी। जांच के दौरान वहां डीजल का भंडारण कर बिक्री किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने जब डीजल के बिल और वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने डीजल और बिक्री में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त कर ली।

दो ड्रम और एक जरकीन में भरा था 415 लीटर डीजल

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 200 लीटर क्षमता वाले दो प्लास्टिक ड्रमों में भरा लगभग 400 लीटर डीजल और 15 लीटर की एक पीली प्लास्टिक जरकीन में रखा डीजल बरामद किया। इस तरह कुल 415 लीटर डीजल जब्त किया गया। इसके अलावा डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाला एक नीले रंग का पाइप और एक चाड़ी भी जब्त की गई।

जब्त डीजल की अनुमानित कीमत 41,500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में जब्ती पत्रक तैयार कर पूरी सामग्री जब्त की।

सस्ते में खरीद, महंगे में बिक्री का आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजेश उर्फ कारू साव (38 वर्ष), पिता कृष्ण उर्फ कृशन साव, निवासी सिथरा, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़, कुछ समय से सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहा था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह आने-जाने वाले वाहनों से कम कीमत पर डीजल खरीदता था, फिर उसे झोपड़ी के पीछे रखे ड्रमों में जमा कर कुछ अधिक कीमत पर राहगीरों और अन्य लोगों को बेचता था।

पुलिस का कहना है कि डीजल के भंडारण और बिक्री के संबंध में आवश्यक बिल एवं वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:40 बजे गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है।

असुरक्षित भंडारण पर पुलिस की सख्त चेतावनी

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के सुपरविजन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, आरक्षक लालजीत राठिया, आरक्षक राजेश राठौर और आरक्षक दिलीप सिदार की अहम भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण आम नागरिकों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल यह है कि सड़क किनारे इस तरह ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण और बिक्री कितने समय से चल रही थी और क्या इससे पहले भी यहां डीजल का कारोबार होता रहा था? पुलिस की आगे की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।

 

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