कहीं जीत के लिए दौड़े कदम, कहीं गीतों पर भिड़े सुर; अग्र महोत्सव में हर दिन नया धमाल

अग्रसेन महोत्सव में दौड़े कदम, सुरों की महफिल में मचा घमासान; महिला शक्ति से लेकर युवाओं तक दिखा दमखम
अग्र मैराथन में पुरुषों और महिलाओं ने लगाई रफ्तार की दौड़, अंताक्षरी में सुरों का संग्राम; खेल, संगीत और सामाजिक समरसता के रंग में रंगा अग्रसेन भवन
पत्थलगांव। अग्रसेन जयंती महोत्सव में इन दिनों उत्साह का ऐसा रंग चढ़ा है कि अग्रसेन भवन में हर दिन प्रतिभाओं का नया जलवा देखने को मिल रहा है। कहीं जीत के लिए कदमों ने रफ्तार पकड़ी, तो कहीं अंताक्षरी की महफिल में सुरों का मुकाबला जम गया। महिलाओं ने भी अपनी प्रतिभा और दमखम से मैदान में शानदार मौजूदगी दर्ज कराई। अग्रवाल समाज की ओर से 3 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक आयोजित अग्र महोत्सव में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक मेल-मिलाप का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। अग्र मैराथन में पुरुषों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, वहीं अंताक्षरी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।

अग्र मैराथन में रफ्तार का मुकाबला, विजेताओं ने जमाया रंग
अग्र मैराथन दौड़ का शुभारंभ अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अनिल मित्तल, सचिव मनमोहन गोयल और कोषाध्यक्ष रामनिवास जिंदल ने हरी झंडी दिखाकर किया। दौड़ शुरू होते ही प्रतिभागियों में आगे निकलने की होड़ दिखाई दी। पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ दौड़ में भाग लेकर आयोजन को खास बना दिया।

पुरुष वर्ग में इन धावकों ने मारी बाजी
प्रथम स्थान: श्रेयांश अग्रवाल एवं संतोष अग्रवाल
द्वितीय स्थान: हर्ष अग्रवाल एवं राजेश अग्रवाल
तृतीय स्थान: अतुल अग्रवाल एवं प्रवीन अग्रवाल

महिला वर्ग में भी दिखा दमखम
प्रथम स्थान: सांझी मित्तल एवं संतोष मित्तल
द्वितीय स्थान: ज्योति अग्रवाल एवं आशीष अग्रवाल
तृतीय स्थान: काजल मित्तल एवं पवन मित्तल
मैराथन में अग्र बंधुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया। प्रतियोगिता ने यह संदेश भी दिया कि सामाजिक महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामूहिक सहभागिता का मंच भी हैं।


अंताक्षरी में सुरों का संग्राम, शिवम-पूजा की जोड़ी ने मारी बाजी
अग्रसेन महोत्सव की अंताक्षरी प्रतियोगिता में भी हर वर्ष की तरह इस बार जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक गीत गाकर अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गीतों की इस महफिल में हर दौर के गानों की गूंज सुनाई दी और मुकाबला लगातार दिलचस्प होता गया।
प्रतियोगिता में शिवम और पूजा अग्रवाल की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल कर जीत का परचम लहराया, जबकि शिशिर और अदिति अग्रवाल की जोड़ी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सुरों और संगीत के बीच चले इस रोमांचक मुकाबले ने महोत्सव के उत्साह को और बढ़ा दिया।
फेंटा-पिठो में रूपा अग्रवाल ने मारी बाजी
फेंटा-पिठो प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले चरण में रूपा अग्रवाल और ज्योति अग्रवाल के बीच टाई होने के बाद दोबारा मुकाबला कराया गया। इसमें रूपा अग्रवाल (पति रिंकू अग्रवाल) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। ज्योति अग्रवाल (पति आशीष अग्रवाल) दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि आंचल अग्रवाल (पति विकास अग्रवाल) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
मीठा बनाओ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने घर से तैयार कर लाए गए आकर्षक और स्वादिष्ट व्यंजनों से अपनी पाक-कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता की खास शर्त यह थी कि व्यंजन में मिठास के साथ नमकीन का स्वाद भी अनिवार्य था। निर्णायक मंडल ने स्वाद को सात और सजावट को तीन अंक निर्धारित किए थे।
इस रोचक मुकाबले में अविका गर्ग (पिता विकास गर्ग) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निधि अग्रवाल (पिता नरेश अग्रवाल) दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि शीतल अग्रवाल (पति राजेश अग्रवाल) और मुस्कान मित्तल (पति अमन मित्तल) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं।

पंजा लड़ाओ प्रतियोगिता में भी रोमांच अपने चरम पर रहा। बालिकाओं और महिलाओं के बीच हुए मुकाबलों में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अब्बिका गोयल ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि सांझी अग्रवाल उपविजेता रहीं।

स्वल्पाहार में भी सामाजिक समरसता की मिठास
अग्रसेन भवन में महोत्सव के दौरान प्रतिदिन स्वल्पाहार की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें समाज के लोगों का निरंतर सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में श्याम सेवा समिति ने एक दिन स्वल्पाहार की व्यवस्था की। समाज के लोगों ने एक साथ बैठकर जलपान किया और सामाजिक एकता एवं भाईचारे की परंपरा को आगे बढ़ाया।
वहीं, 3 से 11 अक्टूबर तक चलने वाले अग्र महोत्सव में जलपान की संपूर्ण व्यवस्था जगतराम मदनलाल अग्रवाल फर्म की ओर से की गई है। इस सहयोग के लिए अग्रवाल समाज ने फर्म की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए आभार जताया।
खेल, संगीत और सेवा से मजबूत हो रही समाज की एकजुटता

अग्रसेन जयंती महोत्सव में लगातार आयोजित हो रही प्रतियोगिताएं समाज की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ नई पीढ़ी को जोड़ने का काम कर रही हैं। अग्र मैराथन में दौड़ते कदम हों या अंताक्षरी में गूंजते गीत, हर आयोजन में उत्साह और सहभागिता साफ नजर आ रही है। वहीं, स्वल्पाहार की व्यवस्था में समाज के लोगों और संस्थाओं का सहयोग सामाजिक समरसता की मिसाल पेश कर रहा है।

अग्र महोत्सव अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रतिभा, खेल भावना, सहयोग और सामाजिक एकता का ऐसा मंच बन गया है, जहां हर दिन उत्सव का नया रंग देखने को मिल रहा है।