फांसी की सजा : सूरजपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला, पुलिसकर्मी के परिवार की हत्या और रेप करने वाले तीन को फांसी, एक को उम्रकैद

 

मुकेश अग्रवाल

सूरजपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड और रेप के तीन दोषियों कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी को फांसी की सजा सुनाई। आर्यन उर्फ गोल्डी को उम्रकैद मिली है। सजा के बाद एक आरोपी मुस्कुराते हुए बाहर निकला।

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 सितंबर को मामले में 4 आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना था तथा हत्या रेप और पाक्सो एकट के तहत देाषी ठहराया था। स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप सहित तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

घटना 14 अक्टूबर 2024 की है जब पुलिस में हेड कांस्टेबल की पत्नी और बेटी की आरोपियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। वारदात से पहले पत्नी से रेप किया, उसके बाद चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपियों ने बेटी के पकड़े उतारकर धारदार हथयार से उसकी भी हत्या कर दी थी। दोनों के शव नग्न हालत में घर से करीब 5 किलोमीटर दूर आरोपियों ने फेंक दिया था।

डबल मर्डर केस की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्टट्रेक कोर्ट में हुई।

दरअसल हत्याकाण्ड के पीछे पुराना विवाद पता चला है। घटना के कुछ दिन पहले शहनाज अख्तर का जगाराता था। कार्यक्रम में आरोपियों में से कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का नवारा के कुछ युूवकों से विवाद हो गया था। उसके बाद पुलिस संदीप साहू को कुछ नेताओं के दबाव में उठाकर ले गई। आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई।

इस घटना से संदीप का भाई कुलदीप साहू नाराज था। उसने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को निशाना बनाया, जिनमें वह पुलिसकर्मी भी शामिल था जिसकी पत्नी और बेटी की हत्या की गई। पुलिसकर्मी से कुलदीप का पुराना विवाद था।

 

 

 

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