


मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव/जशपुर। ऊपर से खाली बोतलों की बोरियां और नीचे नशे का करोड़ों का कारोबार! तस्करों ने शायद यही सोचकर अपनी खेप रवाना की थी कि बोतलों की आड़ में पुलिस की नजर गांजे तक नहीं पहुंचेगी। लेकिन उनका यह ‘जुगाड़’ लावाकेरा के चेकिंग बैरियर पर धरा का धरा रह गया। जशपुर पुलिस ने टाटा आईसर ट्रक से 632 किलो 380 ग्राम गांजा बरामद कर तस्करी के इस खेल का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी 42 वर्षीय विनोद कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।

हैरानी की बात यह है कि जिस रास्ते से दो दिन पहले 440.630 किलो गांजा पकड़ा गया था, उसी लावाकेरा बैरियर पर 4 अक्टूबर को एक बार फिर तस्करी की बड़ी खेप पकड़ में आ गई। लगातार दो कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि उड़ीसा से छत्तीसगढ़ होते हुए दूसरे राज्यों तक नशे की खेप पहुंचाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन पुलिस की निगरानी भी लगातार सख्त हो रही है।
बोतलों की आड़ में करोड़ों का खेल, लेकिन पुलिस की नजर से नहीं बचा गांजा
पुलिस के मुताबिक, 4 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10 बजे एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा पुलिस लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर उड़ीसा की ओर से आने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान टाटा आईसर ट्रक क्रमांक UP-47-AT-9839 को रोककर तलाशी ली गई।कार्रवाई में तपकरा थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोक प्रधान सहित प्रधान आरक्षकों, आरक्षकों, एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा पुलिस के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच कर रही है। उन्होंने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की है।
अब नेटवर्क तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती
लावाकेरा में लगातार दो बड़ी बरामदगियां पुलिस की सतर्कता का संकेत हैं। लेकिन इतनी बड़ी खेपों का लगातार इस मार्ग से गुजरना तस्करी के नेटवर्क की गहराई पर भी सवाल खड़े करता है।
गांजे की खेप पकड़ना बड़ी कामयाबी है, लेकिन इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचना उससे भी बड़ी सफलता होगी। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं—क्या जांच सिर्फ ट्रक और चालक तक सीमित रहेगी, या नशे के इस पूरे कारोबार के बड़े खिलाड़ियों तक भी पहुंचेगी?