


मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। पत्थलगांव में मोबाइल दुकान का ताला काटकर लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ करने वाले आरोपियों का जशपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शनि मंदिर के सामने स्थित न्यू लक्ष्मी मोबाइल दुकान में हुई चोरी की वारदात को कथित तौर पर 11 विधि से संघर्षरत बालकों ने मिलकर अंजाम दिया था। हैरानी की बात यह है कि चोरी की योजना बनाने से लेकर दुकान का ताला काटने, निगरानी करने और चोरी के सामान का बंटवारा करने तक की भूमिका पहले से तय बताई गई है। लेकिन शातिराना तरीके से की गई चोरी का राज आखिरकार चोरी के ही एक मोबाइल फोन ने खोल दिया।
पुलिस की टेक्निकल टीम ने चोरी के मोबाइल को ट्रेस किया और इसी तकनीकी सुराग के आधार पर संदिग्ध तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस ने आरोपित बालकों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 12 मोबाइल फोन सहित करीब 1.50 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है।
ताला काटने से लेकर रेकी तक, सबकी थी अलग-अलग भूमिका
पुलिस के अनुसार, पत्थलगांव निवासी स्वनील सोनी ने 10 सितंबर 2026 को थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर की रात करीब 1 से 2 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति न्यू लक्ष्मी मोबाइल दुकान के शटर में लगे ताले को तोड़कर अंदर घुसा और नए-पुराने मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 2,34,300 रुपये बताई गई थी।
मामले में थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 201/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए), 331(4) एवं 61(2) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
चोरी के मोबाइल ने ही पहुंचा दिया पुलिस को आरोपियों तक
चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी टीम को भी लगाया गया। इसी दौरान चोरी किए गए एक मोबाइल फोन को ट्रेस करने में सफलता मिली।
तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने पत्थलगांव में ही संदिग्ध के ठिकाने पर दबिश दी। वहां चोरी का मोबाइल इस्तेमाल कर रहा एक विधि से संघर्षरत बालक मिला। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद मामले में शामिल अन्य बालकों के संबंध में भी जानकारी सामने आई।
छात्रावास से निकले, आधी रात को दुकान पहुंच बनाई योजना को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि 9 सितंबर की रात संबंधित बालक और उसके 10 अन्य साथी, जो सभी नाबालिग और विद्यार्थी बताए गए हैं तथा एक छात्रावास में रहते हैं, ने मिलकर चोरी की योजना बनाई थी।
योजना के तहत सभी रात करीब 12 से 1 बजे के बीच छात्रावास से निकलकर शनि मंदिर के सामने स्थित न्यू लक्ष्मी मोबाइल दुकान पहुंचे। दुकान के शटर में लगे ताले को काटने के लिए लोहे की आरी ब्लेड का इस्तेमाल किया गया। दो साथियों ने ताला काटा, जबकि अन्य साथी आसपास नजर रखकर लोगों की आवाजाही पर निगरानी कर रहे थे।
ताला कटने के बाद शटर उठाकर दुकान में प्रवेश किया गया। वहां रखे मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, ईयरबड, नेकबैंड और ब्लूटूथ ईयरफोन सहित अन्य सामान चोरी कर लिया गया।
खेल मैदान में किया चोरी के सामान का बंटवारा
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बालक रात में ही एक सुनसान खेल मैदान में पहुंचे। वहां चोरी किए गए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का आपस में बंटवारा किया गया। हालांकि, चोरी के बाद सामान बांट लेने के बावजूद तकनीकी जांच ने पुलिस को अहम सुराग दे दिया और पूरा मामला सामने आ गया।
डेढ़ लाख का सामान बरामद, पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ और निशानदेही के आधार पर निम्न सामान बरामद किया है—
12 मोबाइल फोन
1 डमी मोबाइल
3 मोबाइल चार्जर, केबल सहित
2 मोबाइल चार्जर केबल
2 ईयरबड
2 ब्लूटूथ ईयरफोन
बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 1,50,000 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में किशोर न्याय कानून सहित लागू विधिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिश अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल के पर्यवेक्षण में की गई।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के बीच चोरी की योजना कैसे बनी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? पुलिस की तकनीकी जांच ने चोरी का खुलासा तो कर दिया, लेकिन बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।